टोल बचाने को कार पर लगाई लाल-नीली बत्ती, बोला- पापा SDM के ड्राइवर;फिर हुई ऐसी कार्रवाई
पलवल में टोल बचाने और VIP ट्रीटमेंट के लिए कार पर लाल-नीली बत्ती लगाने वाला ड्राइवर पकड़ा गया। पुलिस ने ₹15,500 का चालान कर कार इंपाउंड की।
➤ टोल बचाने और VIP ट्रीटमेंट के लिए कार पर लगाई लाल-नीली बत्ती
➤ ड्राइवर बोला- मेरे पापा SDM के ड्राइवर, लेकिन फोन करने पर नहीं उठी कॉल
➤ पुलिस ने ₹15,500 का चालान कर कार इंपाउंड की
हरियाणा के पलवल में टोल टैक्स बचाने और रास्ते में VIP ट्रीटमेंट लेने के लिए निजी कार पर लाल-नीली बत्ती लगाने का मामला सामने आया है। नेशनल हाईवे के पास अटोंहा चौक पर पुलिस कमांडो टीम ने चेकिंग के दौरान काले शीशे और लाल-नीली बत्ती लगी कार को रोक लिया।
पूछताछ में ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने टोल बचाने और VIP ट्रीटमेंट पाने के लिए कार पर लाल-नीली बत्ती लगाई थी। उसने यह भी दावा किया कि उसके पिता दिल्ली में SDM के ड्राइवर हैं और वह इसी कार को चलाता है, इसलिए कार पर लाल-नीली बत्ती लगी हुई है।
पुलिस ने उसके दावे की पुष्टि के लिए पिता से फोन पर बात करवाने को कहा, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद कमांडो टीम कार और ड्राइवर को सदर थाने ले गई। जांच के बाद पुलिस ने ₹15,500 का चालान कर कार इंपाउंड कर दी।
अटोंहा चौक पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई कार
कमांडो टीम शनिवार शाम करीब 5 बजे अटोंहा चौक पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक कार पर पड़ी। कार के शीशे काले थे और ऊपर लाल-नीली बत्ती लगी हुई थी।
पुलिस ने कार नंबर DL 5CY 0279 को रुकवाया और ड्राइवर से बत्ती लगाने तथा कार के इस्तेमाल को लेकर पूछताछ की। ड्राइवर की पहचान रविंदर कुमार निवासी महा लक्ष्मी एन्क्लेव, रावल नगर, साउथ-ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई।
पिता को बताया दिल्ली में SDM का ड्राइवर
पूछताछ के दौरान रविंदर ने पुलिस को बताया कि उसके पिता विजय पाल दिल्ली में SDM के ड्राइवर हैं। उसने दावा किया कि वह अपने पिता की कार चलाता है और इसी वजह से कार पर लाल-नीली बत्ती लगी हुई है।
कमांडो टीम ने उसके दावे की पुष्टि करने के लिए रविंदर से पिता से फोन पर बात कराने को कहा। इसके बाद उसने पिता को फोन किया।
कई बार फोन किया, लेकिन नहीं उठा
पुलिस के मुताबिक, रविंदर ने अपने पिता को कई बार फोन किया, लेकिन किसी भी कॉल का जवाब नहीं मिला। कमांडो टीम करीब एक घंटे तक पिता की कॉल आने का इंतजार करती रही।
पुलिसकर्मियों को उम्मीद थी कि पिता फोन पर बात करके कार और लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। हालांकि, काफी इंतजार के बाद भी पिता की ओर से कोई कॉल वापस नहीं आई।
पहले बताया VIP ट्रीटमेंट और टोल बचाने का मकसद
पूछताछ में रविंदर ने बताया कि वह लाल-नीली बत्ती लगाकर वृंदावन जा रहा था। उसके मुताबिक, कार पर बत्ती लगी होने से उसे रास्ते में VIP ट्रीटमेंट मिलने और टोल टैक्स से बचने की उम्मीद थी।
हालांकि, बाद में उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसने पहली बार कार पर इस तरह की बत्ती लगाई थी और यह गलती से हो गया। पूछताछ के दौरान उसके बयान में यह बदलाव भी पुलिस के सामने आया।
कार की तलाशी में नहीं मिला कोई आपत्तिजनक सामान
कमांडो टीम ने कार की तलाशी भी ली। पुलिस के मुताबिक, कार के अंदर से किसी प्रकार का आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
इसके बाद भी कार पर काले शीशे और लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल को लेकर ड्राइवर से पूछताछ जारी रही। पिता से संपर्क नहीं होने के बाद कमांडो टीम कार को लेकर सदर थाना पहुंची।
सदर थाने में दस्तावेजों की हुई जांच
कमांडो टीम को लीड कर रहे राजकुमार के मुताबिक, करीब एक घंटे तक पिता की कॉल का इंतजार करने के बाद कार को सदर थाने ले जाया गया।
थाने में कार के दस्तावेज, काले शीशे और लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल की जांच की गई। पुलिस ने ड्राइवर के दावे की पुष्टि के लिए भी संपर्क करने का प्रयास किया।
₹15,500 का चालान, कार इंपाउंड
जांच के बाद पुलिस ने कार का ₹15,500 का चालान किया और उसे इंपाउंड कर दिया।
कमांडो टीम लीड कर रहे राजकुमार ने बताया कि निजी वाहनों पर लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल नियमों के तहत मान्य नहीं है। इसी आधार पर ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि ड्राइवर ने पुलिस के सामने पहले लाल-नीली बत्ती लगाने के पीछे VIP ट्रीटमेंट और टोल बचाने की बात बताई, जबकि बाद में इसे पहली बार की गलती बताया। पिता को SDM का ड्राइवर बताए जाने के दावे की पुष्टि के लिए किए गए फोन का भी कोई जवाब नहीं मिला।
Akhil Mahajan