भ्रूण लिंग जांच का अवैध खेल: सोनीपत से गर्भवती महिला बुलाई, ₹65 हजार में सौदा; दो दलाल गिरफ्तार

रेवाड़ी में भ्रूण लिंग जांच के अवैध खेल का खुलासा हुआ। सोनीपत से महिला को बुलाकर 65 हजार में सौदा तय किया गया था। दो दलाल गिरफ्तार हुए।

भ्रूण लिंग जांच का अवैध खेल: सोनीपत से गर्भवती महिला बुलाई, ₹65 हजार में सौदा; दो दलाल गिरफ्तार

रेवाड़ी में भ्रूण लिंग जांच के अवैध खेल का भंडाफोड़, दो दलाल गिरफ्तार
सोनीपत से गर्भवती महिला को बुलाया, 65 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
अल्ट्रासाउंड से पहले फरार हुए दलाल, पुलिस ने 64,500 रुपये किए बरामद


हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच के अवैध कारोबार के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रेवाड़ी में पानीपत-सोनीपत की संयुक्त टीम और रेवाड़ी की पीसी-पीएनडीटी टीम ने कार्रवाई करते हुए दो दलालों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दलालों ने सोनीपत से एक गर्भवती महिला को रेवाड़ी बुलाया था और भ्रूण लिंग जांच के लिए 65 हजार रुपये में सौदा तय किया था।

कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक नकली गर्भवती महिला को जांच कराने के लिए दलालों के पास भेजा। रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में ही दलाल ने उससे 65 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद महिला को अल्ट्रासाउंड के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। हालांकि, तीनों जिलों की टीमें लगातार आरोपियों का पीछा कर रही थीं।

जब दलालों को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का शक हुआ तो वे अल्ट्रासाउंड होने से पहले ही फरार हो गए। बाद में रेवाड़ी पुलिस ने पीछा कर रहे दो आरोपियों राहुल और रामनिवास को गिरफ्तार कर लिया।

रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में लिया 65 हजार रुपये का भुगतान

जानकारी के अनुसार, दलालों ने सोनीपत से एक गर्भवती महिला को रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल बुलाया था। भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए 65 हजार रुपये में सौदा तय किया गया था।

स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई। टीम ने एक नकली गर्भवती महिला को जांच के लिए दलालों के संपर्क में भेजा।

रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में पहुंचने के बाद दलाल ने महिला से 65 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए महिला को दूसरे स्थान पर ले जाया गया।

धारूहेड़ा चुंगी के पास बनवाई रेफरल स्लिप

पैसे लेने के बाद दलाल महिला को धारूहेड़ा चुंगी के पास स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर गए। वहां अल्ट्रासाउंड के लिए रेफरल स्लिप बनवाई गई।

इसके बाद महिला को मॉडल टाउन स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच के लिए ले जाया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं।

अल्ट्रासाउंड से पहले हुआ शक, दोनों दलाल फरार

पानीपत, सोनीपत और रेवाड़ी की टीमें लगातार आरोपियों का पीछा कर रही थीं। इसी दौरान दलालों को किसी तरह कार्रवाई का शक हो गया।

अल्ट्रासाउंड कराने से पहले ही दोनों दलाल वहां से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने उनका पीछा जारी रखा और रेवाड़ी पुलिस की सतर्कता से राहुल और रामनिवास को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों से 64,500 रुपये बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों दलालों के कब्जे से करीब 64,500 रुपये बरामद किए हैं। यह राशि उस रकम का हिस्सा बताई गई है, जो भ्रूण लिंग जांच के लिए तय सौदे के तहत ली गई थी।

मामले में अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग आगे की कड़ियों की जांच कर रहे हैं।

निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर की भूमिका भी जांच के दायरे में

इस मामले में सिर्फ दोनों दलालों तक जांच सीमित नहीं रहेगी। स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर की भूमिका क्या थी।

इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि सोनीपत से गर्भवती महिला को रेवाड़ी क्यों बुलाया गया था और क्या रेवाड़ी के किसी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच का अवैध कारोबार चल रहा था।

जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की भी उम्मीद है।

नोडल अधिकारी बोले- मामले के सभी पहलुओं की होगी जांच

रेवाड़ी पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विद्यासागर ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान दलालों से करीब 64 हजार 500 रुपये बरामद किए गए हैं। अब जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे और निजी अस्पताल तथा अल्ट्रासाउंड सेंटर की इसमें क्या भूमिका रही।