दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में भिवानी में पेट के बल यात्रा, राष्ट्रपति अवॉर्डी पत्रकार बोले- सरकार समाधान निकाले, युवाओं पर क्रूरता ठीक नहीं
दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में भिवानी में राष्ट्रपति अवॉर्डी पत्रकार अशोक भारद्वाज ने पेट के बल यात्रा निकाली। भोजावाली मंदिर में सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई।
➤ दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में भिवानी में राष्ट्रपति अवॉर्डी पत्रकार अशोक भारद्वाज ने निकाली पेट के बल यात्रा
➤ भोजावाली देवी मंदिर में सरकार, प्रधानमंत्री और धर्मेंद्र प्रधान को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की
➤ किसान नेता कमल प्रधान बोले- सरकार समय रहते समाधान निकाले, युवाओं के आक्रोश को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है
भिवानी। दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भिवानी में अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। राष्ट्रपति अवॉर्डी पत्रकार अशोक भारद्वाज ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में भूखे पेट करीब दो किलोमीटर तक पेट के बल यात्रा निकाली। यात्रा के बाद उन्होंने भोजावाली देवी माता मंदिर पहुंचकर सरकार, प्रधानमंत्री और धर्मेंद्र प्रधान को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। इस दौरान किसान, व्यापारी और अन्य सामाजिक संगठनों के लोग भी उनके साथ मौजूद रहे।
अशोक भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज और छात्राओं के साथ हुई कथित बर्बरता निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने माता के दरबार में देश में शांति बनाए रखने और सरकार को विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रार्थना की है। उनका कहना था कि जहां क्रूरता होती है, वहां अशांति जन्म लेती है और सरकार को समय रहते संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज का युवा देश का भविष्य है और उसकी आवाज को दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए। भारद्वाज ने कहा कि यदि सरकार ने विवेक से काम नहीं लिया तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार को किसी भी बड़े संकट से पहले सभी पक्षों को साथ लेकर बच्चों की मांगों का समाधान निकालना चाहिए।
यात्रा के दौरान उनके साथ मौजूद किसान नेता कमल प्रधान ने कहा कि अशोक भारद्वाज समय-समय पर देशहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं और इस बार भी उन्होंने युवाओं के समर्थन में आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लाठीचार्ज कर हालात को और गंभीर बना दिया है।
कमल प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार देश की नस्ल और फसल दोनों को बर्बाद करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और सरकार को समय रहते समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग भी दोहराई।
पेपर लीक के खिलाफ 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कमल प्रधान ने कहा कि केवल घोषणा करने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए लोकसभा में चर्चा कर विधेयक पारित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि समय रहते सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे युवाओं पर कार्रवाई के बाद देशभर से विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
Akhil Mahajan