केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से किया मंजूर

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा स्वीकार कर लिया। संवैधानिक समय-सीमा और पंजाब की राजनीति को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से किया मंजूर

➤ रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पद से दिया इस्तीफा
➤ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया इस्तीफा
➤ संवैधानिक समय-सीमा और पंजाब की राजनीतिक रणनीति को माना जा रहा प्रमुख कारण


नई दिल्ली। केंद्र सरकार से शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की गई।

अधिसूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर यह इस्तीफा स्वीकार किया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में यह बड़ा बदलाव चर्चा का विषय बन गया है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह संवैधानिक प्रावधान माना जा रहा है। संविधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है तो वह केवल छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है।

रवनीत सिंह बिट्टू मंत्री बनने के बाद भी लोकसभा या राज्यसभा के सदस्य नहीं बन पाए थे। ऐसे में निर्धारित संवैधानिक समय-सीमा पूरी होने पर उनका इस्तीफा आवश्यक माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा उन्हें राज्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। पार्टी पंजाब में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है और बिट्टू को प्रमुख सिख चेहरे के रूप में देखा जाता है।

रवनीत सिंह बिट्टू पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें पंजाब में पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिना जाने लगा था।

सूत्रों के अनुसार भाजपा पंजाब संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। चर्चा है कि रवनीत सिंह बिट्टू को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर आगामी विधानसभा चुनाव की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 75(2) कहता है कि मंत्री राष्ट्रपति के 'प्रसादपर्यंत' (Pleasure of the President) अपने पद पर बने रहते हैं। व्यवहार में राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर ही किसी मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करते हैं या उन्हें पदमुक्त करते हैं।