हिमाचल में NEET छात्रों के समर्थन में उतरे CM सुक्खू, कैंडल मार्च निकालकर केंद्र से मांगा 1 करोड़ मुआवजा

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में NEET पेपर लीक मामले को लेकर कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

हिमाचल में NEET छात्रों के समर्थन में उतरे CM सुक्खू, कैंडल मार्च निकालकर केंद्र से मांगा 1 करोड़ मुआवजा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में NEET मामले पर निकाला कैंडल मार्च
NEET प्रकरण में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए कहा- छात्रों पर बल प्रयोग लोकतंत्र के खिलाफ


शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को NEET पेपर लीक मामले और इससे जुड़े घटनाक्रमों में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की स्मृति में कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च इंदिरा गांधी खेल परिसर से शुरू होकर मॉल रोड होते हुए रिज मैदान स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा तक पहुंचा। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

कैंडल मार्च के दौरान दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि छात्र न्याय की मांग कर रहे थे, ऐसे में उन पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि NEET पेपर लीक प्रकरण से जुड़े घटनाक्रमों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार परीक्षा पेपर लीक होने के कारणों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सुक्खू ने कहा कि छात्रों और युवाओं के हित सर्वोपरि हैं तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी इस पूरे मामले में जवाबदेही और सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।