लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर कारोबारी से वसूले पैसे, फिर रची ह*त्या की साजिश....कुरुक्षेत्र कार लूटकांड
कुरुक्षेत्र कार लूटकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पहले 2 लाख की रंगदारी वसूली और बाद में हत्या व लूट की साजिश रची थी।
कार लूटकांड से पहले लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 2 लाख की रंगदारी वसूली गई
जर्मनी में बैठकर तैयार की गई गैंग, हत्या और लूट की साजिश रची गई
पुलिस अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी, एक आरोपी एनकाउंटर में घायल
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा क्षेत्र में हुए चर्चित कार लूटकांड की जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विशाल और निखिल उर्फ नकुल ने कार लूट की वारदात से पहले जिला कैथल के एक कॉस्ट्यूम डिजाइनर से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। डर के माहौल में कारोबारी ने आरोपियों के साथ 2 लाख रुपए में समझौता कर लिया था।
पुलिस के अनुसार रंगदारी की रकम तय योजना के तहत ढांड बस स्टैंड के पीछे छिपाकर रखी गई थी। वहां से ढांड के ही एक युवक ने पैसे उठाकर आरोपियों तक पहुंचाए। इस पहली सफलता के बाद आरोपियों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने बड़े अपराधों को अंजाम देने की योजना बनानी शुरू कर दी।
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी जर्मनी में रहते हुए ही अपना गैंग तैयार कर चुके थे। निखिल करीब एक माह पहले जर्मनी से डिपोर्ट होकर भारत लौटा था, जबकि विशाल 6 जून को वापस आया था। भारत लौटने के बाद दोनों ने अपने नेटवर्क को और मजबूत करना शुरू कर दिया।
CIA-2 के इंचार्ज मनदीप सिंह के अनुसार भारत आने के बाद दोनों आरोपी अमेरिका में रह रहे करनाल के एक पुराने शराब कारोबारी के संपर्क में आए। पुलिस जांच में पता चला है कि उसी कारोबारी ने उन्हें करनाल के एक शराब कारोबारी और मोहाली के एक कपड़ा कारोबारी की हत्या करने के लिए उकसाया था। इसके बदले आरोपियों को बड़ी रकम मिलने वाली थी।
पुलिस के मुताबिक मोहाली के कपड़ा कारोबारी के बारे में आरोपियों को सूचना दी गई थी कि वह रोजाना कारोबार का नकदी संग्रह अपने साथ लेकर घर लौटता है। योजना यह थी कि उसे डराकर, लूटकर या फिर हत्या कर नकदी छीनी जाए। इसके लिए आरोपियों को पहले वाहन और हथियार की व्यवस्था करने की सलाह दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि हथियार खरीदने के लिए आरोपियों को 55 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इसी रकम से निखिल ने पिस्टल खरीदी थी। पुलिस को यह भी पता चला है कि दिल्ली पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल अजय ने कार लूटकांड में आरोपियों की मदद की थी। वह उस समय दो महीने की छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार विशाल और निखिल ने केवल कार लूटने के उद्देश्य से गैंग नहीं बनाई थी। उनका मकसद रंगदारी, लूट और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देकर कम समय में अधिक पैसा कमाना था। इसी योजना के तहत 12 जून की रात अंबाला के टैक्सी चालक मंजीत कुमार से कार लूटी गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस अब तक निखिल उर्फ नकुल, अभिषेक, अजय, जसकरण, कमलजीत सिंह, रोहित कुमार और लविश समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं रविवार सुबह CIA-2 टीम के साथ हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी विशाल की टांग में गोली लगी थी। उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि लविश को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में अभी और भी अहम खुलासे होने की संभावना है। आरोपियों के नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच जारी है।
pooja