महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी: 127 सुनवाई के बाद दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवान यौन शोषण मामले में 127 सुनवाई के बाद भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। मामला जनवरी 2023 से अदालत में लंबित था।
➤ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवान यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी किया
➤ जनवरी 2023 से जुलाई 2026 तक 1133 दिनों में 127 सुनवाई के बाद आया फैसला
➤ विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने लगाए थे आरोप
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों से जुड़े चर्चित यौन शोषण मामले में भाजपा नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। सोमवार सुबह एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। फैसले के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर अदालत में मौजूद रहे।
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था और लगभग 1133 दिनों तक अदालत में चला। इस दौरान कुल 127 सुनवाई हुईं, जिनके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
2 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा गया था
दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद 2 जुलाई 2026 को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले 20 जुलाई 2023 से बृजभूषण शरण सिंह नियमित जमानत पर थे। वहीं 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए थे, जिसके बाद मामले का ट्रायल शुरू हुआ।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में वर्ष 2023 में 24, 2024 में 37, 2025 में 30 और 2026 में 36 सुनवाई हुईं।
जनवरी 2023 में शुरू हुआ था विवाद
यह मामला जनवरी 2023 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया, जब ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट समेत कई महिला और पुरुष पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे।
इन आरोपों के विरोध में खिलाड़ियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था। सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने पर आंदोलन कुछ समय के लिए समाप्त हुआ, लेकिन आरोपों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का दावा करते हुए पहलवान अप्रैल 2023 में दोबारा धरने पर बैठ गए।
कोर्ट के फैसले के बाद फिर चर्चा में आया मामला
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया।
हरियाणा की कई खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था
जनवरी 2023 में यह विवाद तब चर्चा में आया, जब ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट सहित कई पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए। इसके विरोध में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया।
सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने पर आंदोलन अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया, लेकिन आरोपों पर ठोस कदम नहीं उठने का दावा करते हुए पहलवान अप्रैल 2023 में दोबारा धरने पर बैठ गए।
Akhil Mahajan