खिड़की तोड़ बाल सुधार गृह से भागे 3 बंदी, बाथरूम की पुरानी खिड़की से नर्सरी में कूदे,हत्या के मामलों में थे अंदर

फरीदाबाद के बाल सुधार गृह से तीन करीब 17 वर्षीय नाबालिग बंदी खिड़की का जंगला मोड़कर फरार हो गए। पुलिस और क्राइम ब्रांच तलाश में जुटी है।

खिड़की तोड़ बाल सुधार गृह से भागे 3 बंदी,  बाथरूम की पुरानी खिड़की से नर्सरी में कूदे,हत्या के मामलों में थे अंदर

➤ बाथरूम की पुरानी खिड़की का जंगला हाथ से मोड़कर बाहर निकले तीन नाबालिग
➤ रात 10 बजे गिनती के दौरान तीन बंदियों के फरार होने का चला पता
➤ गुरुग्राम, नूंह और हिसार के रहने वाले तीनों की तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच जुटी


(NIT क्षेत्र स्थित बाल सुधार गृह से करीब 17 साल के तीन नाबालिग बंदी फरार हो गए। तीनों अलग-अलग हत्या के मामलों में बाल सुधार गृह में निरुद्ध थे। बताया जा रहा है कि तीनों ने ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में पहुंचकर वहां लगी पुरानी खिड़की के लोहे के जंगले को हाथ से मोड़ दिया और बाहर निकलने का रास्ता बना लिया। इसके बाद खिड़की के नीचे बनी नर्सरी की तरफ उतरकर तीनों बाल सुधार गृह से फरार हो गए। घटना की जानकारी शनिवार रात करीब 10 बजे बंदियों की गिनती के दौरान हुई, जब तीन नाबालिग कम मिले। इसके बाद बाल सुधार गृह में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई।

जानकारी के अनुसार, तीनों नाबालिग ग्राउंड फ्लोर पर बने बाथरूम में पहुंचे थे। वहां खिड़की पर लगा लोहे का जंगला काफी पुराना बताया जा रहा है। नाबालिगों ने कथित तौर पर हाथ से ही उसकी सरिया मोड़ दी और खिड़की से बाहर निकलने की जगह बना ली। इसके बाद वे खिड़की के नीचे बनी नर्सरी की तरफ उतरे और वहां से बाल सुधार गृह की सीमा से बाहर निकल गए।

बताया जा रहा है कि जिस समय तीनों ने बाल सुधार गृह से बाहर निकलने की कोशिश की, उस दौरान सुरक्षा कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं थे। सुरक्षा कर्मचारी किसी दूसरे स्थान पर गए हुए थे। इसी दौरान तीनों ने मौके का फायदा उठाया और पुरानी खिड़की के जंगले को मोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हो गए। घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं और यह जांच की जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई।

तीनों के फरार होने का पता शनिवार रात करीब 10 बजे बंदियों की गिनती के दौरान चला। नियमित गिनती में तीन नाबालिग कम मिले तो बाल सुधार गृह के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की गई।

फरार हुए तीनों नाबालिगों की उम्र करीब 17 साल बताई जा रही है। इनमें से दो वर्ष 2024 से बाल सुधार गृह में बंद थे, जबकि तीसरा नाबालिग वर्ष 2025 से यहां रखा गया था। तीनों अलग-अलग हत्या के मामलों में बाल सुधार के लिए विभाग के अधीन रखे गए थे।

फरार नाबालिगों में एक गुरुग्राम, दूसरा नूंह और तीसरा हिसार जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू कर दी। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही संभावित संपर्कों और उनके भागने की दिशा के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की टीमें इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाल सुधार गृह से निकलने के बाद तीनों किस दिशा में गए। पुलिस उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर तलाश को आगे बढ़ा रही है।

घटना के बाद अब जांच का एक प्रमुख बिंदु बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था भी है। यह देखा जा रहा है कि खिड़की का जंगला इतना पुराना और कमजोर कैसे था कि उसे हाथ से मोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया जा सका। साथ ही घटना के समय सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी और उनकी तैनाती की भी जांच की जा रही है।

NIT थाना प्रभारी महावीर ने बताया कि बाल सुधार गृह की तरफ से शिकायत मिली है। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए तीनों की गतिविधियों और उनके भागने की दिशा का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खिड़की इतनी आसानी से कैसे उखड़ी और घटना के समय सुरक्षा कर्मी वहां क्यों मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस का फोकस तीनों नाबालिगों को तलाशने पर है।