धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में जाम से राहत की नई राह, रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के साथ 3.20 किमी सड़क को मंजूरी

कुरुक्षेत्र में रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के समानांतर 3.20 किलोमीटर नई सड़क बनेगी। 5.75 करोड़ की लागत वाली सड़क से जाम और यातायात दबाव कम होगा।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में जाम से राहत की नई राह, रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के साथ 3.20 किमी सड़क को मंजूरी

➤ एलसी-61सी से एलसी-65सी तक बनेगी नई सड़क
➤ 3.20 किलोमीटर लंबी सड़क पर खर्च होंगे करीब 5.75 करोड़ रुपये
➤ गीता महोत्सव और बड़े आयोजनों में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को मिलेगा वैकल्पिक रास्ता


धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में शहरवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के समानांतर नई सड़क बनाने को मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित सड़क बनने के बाद इस क्षेत्र में वाहनों को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे मौजूदा सड़कों पर पड़ने वाले यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने सड़क निर्माण की मंजूरी पर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सड़क एलसी-61सी, विश्वविद्यालय गेट नंबर-3 के पास से एलसी-65सी, पुराने बस स्टैंड के पास तक बनाई जाएगी। यह सड़क रेलवे के राइट ऑफ वे में प्रस्तावित है।

प्रस्तावित सड़क की लंबाई करीब 3.20 किलोमीटर और चौड़ाई 7 मीटर होगी। इसके निर्माण पर लगभग 5.75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आने की बात कही गई है। हालांकि सड़क का निर्माण रेलवे से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी एनओसी और अन्य वैधानिक मंजूरियां मिलने के अधीन रहेगा।

बड़े आयोजनों में बढ़ जाता है ट्रैफिक दबाव

कुरुक्षेत्र धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां गीता महोत्सव, सूर्य ग्रहण सहित कई बड़े धार्मिक और सार्वजनिक आयोजन होते हैं। इन अवसरों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक धर्मनगरी पहुंचते हैं।

बड़ी संख्या में वाहनों के एक साथ शहर में आने से मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को जाम में काफी समय बिताना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद इस दबाव को बांटने में मदद मिलने की उम्मीद है।

एलिवेटेड ट्रैक के साथ मिलेगा वैकल्पिक मार्ग

प्रस्तावित सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मौजूदा मार्गों के अलावा लोगों को एक नया वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा। इससे शहर के भीतर यातायात को अलग-अलग मार्गों पर बांटा जा सकेगा और किसी एक सड़क पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बनने की स्थिति को कम किया जा सकेगा।

इस सड़क से केवल आम वाहनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद नहीं है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी आवागमन बेहतर हो सकता है। किसी बड़े धार्मिक आयोजन या अत्यधिक भीड़ के दौरान वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होना यातायात प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सहारनपुर-कुरुक्षेत्र-पिहोवा मार्ग पर भी दबाव होगा कम

नई सड़क का असर कुरुक्षेत्र शहर के भीतर यातायात व्यवस्था तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। इससे सहारनपुर-कुरुक्षेत्र-पिहोवा मार्ग पर भी यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

सरकार की मंजूरी के बाद अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए रेलवे से जरूरी एनओसी और अन्य वैधानिक स्वीकृतियां हासिल करनी होंगी। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

कुल मिलाकर, 3.20 किलोमीटर लंबी और 7 मीटर चौड़ी यह सड़क कुरुक्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है। खासकर धार्मिक आयोजनों के दौरान जब शहर में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, तब नया मार्ग जाम को नियंत्रित करने और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने में उपयोगी हो सकता है।