कुमारी सैलजा ने NEET पेपर लीक पर उठाए बड़े सवाल
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने NEET पेपर लीक और परीक्षा अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और NTA की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कुमारी सैलजा ने NEET पेपर लीक को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग
एनटीए की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई
सिरसा लोकसभा सीट से सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव Kumari Selja ने National Testing Agency> (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा में सामने आए पेपर लीक और अव्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य और उनके भरोसे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के सपने टूट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने कड़ी मेहनत के साथ परीक्षा दी थी, लेकिन लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं ने पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही उन्होंने एनटीए की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
सैलजा ने कहा कि प्रभावित छात्रों को न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी इस मुद्दे पर देश के युवाओं के सामने स्पष्ट जवाब रखने की मांग की।
सांसद ने कहा कि NEET UG 2024 परीक्षा भी भारी विवादों में रही थी। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई की जांच में जली हुई कॉपियों से 68 सवाल बरामद किए गए थे, जो मूल प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए थे।
उन्होंने कहा कि जांच में झारखंड के हजारीबाग स्थित एक स्कूल का नाम सामने आया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रश्न पत्र वाला पैकेट निर्धारित प्रक्रिया से अलग तरीके से खोला गया था। बाद में इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation> (CBI) को सौंप दी गई थी।
कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि NEET परीक्षा पहले भी कई विवादों में घिर चुकी है। वर्ष 2021 में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया था, जिसमें नागपुर के एक कोचिंग संस्थान और उसके संचालकों के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया था।
उन्होंने कहा कि 2022 में भी फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों के जरिए दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने वाले सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ था। दिल्ली और हरियाणा के कई परीक्षा केंद्रों पर इस तरह की गतिविधियां सामने आई थीं।
सांसद ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए।
pooja