हरियाणा में अब वर्चुअल होंगी सरकारी बैठकें, तेल खर्च घटाने की तैयारी
हरियाणा सरकार अब अधिकतर बैठकें वर्चुअल माध्यम से करेगी। CM नायब सैनी ने तेल खर्च कम करने के लिए काफिला घटाने और सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा सरकार अब ज्यादा बैठकों को वर्चुअल मोड में करेगी
मंत्री-अफसरों के वाहनों और जहाजों पर हर साल 5.50 करोड़ रुपए का तेल खर्च होता है
CM नायब सैनी ने अपना काफिला आधा किया, ईंधन बचत अभियान शुरू
देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए अब अधिकतर सरकारी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य अनावश्यक यात्राओं को कम कर ईंधन की बचत करना है।
मुख्यमंत्री ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि अब राज्य में मंत्रियों और अधिकारियों की बैठकें अधिकतम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगी। इससे सरकारी वाहनों के उपयोग और पेट्रोल-डीजल पर होने वाले भारी खर्च को कम किया जा सकेगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में मुख्यमंत्री, मंत्री, ओएसडी और सीएमओ से जुड़े अधिकारी हर साल सरकारी गाड़ियों और तीन सरकारी जहाजों पर करीब 5.50 करोड़ रुपए का तेल खर्च करते हैं। सरकार अब इस खर्च को घटाकर लगभग आधा करने की तैयारी में है, जिससे करीब 2.75 करोड़ रुपए की वार्षिक बचत हो सकेगी।
सरकार ने सभी विभागों को सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग और फिजूलखर्ची रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अभियान की शुरुआत खुद से की है। उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या 8 से घटाकर 4 कर दी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि आगामी आदेशों तक उनके काफिले में केवल जरूरी सुरक्षा वाहन ही शामिल किए जाएं।
सीएम ने यह भी कहा कि वे सप्ताह में एक दिन बिना सरकारी गाड़ी के काम करेंगे और यदि संभव हुआ तो साइकिल से सचिवालय पहुंचेंगे। उन्होंने जनता और अधिकारियों से भी सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे दफ्तर आने-जाने और बैठकों में शामिल होने के लिए कार पूलिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करें।
इस मुहिम में भाजपा संगठन भी शामिल हो गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा है कि जहां तक संभव होगा, पार्टी की बैठकें भी अब वर्चुअल या ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिए आयोजित की जाएंगी।
ईंधन बचत अभियान के तहत कई मंत्री और नेता भी अलग-अलग पहल करते नजर आए। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने अपने काफिले से पायलट वाहन हटाने के साथ दोनों विभागों की 17 गाड़ियां वापस लेने के आदेश दिए हैं।
वहीं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली से चंडीगढ़ की यात्रा शताब्दी एक्सप्रेस से की और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही। उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने भी चंडीगढ़ से दिल्ली तक ट्रेन से सफर किया।
इसके अलावा विधायक देवेंद्र अत्री ने रोडवेज बस और ऑटो से यात्रा की, जबकि डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ई-रिक्शा में सचिवालय पहुंचे।
सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। ईरान-अमेरिका तनाव के बाद क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुके हैं।
pooja