राव नरेंद्र सिंह आवास घुसपैठ मामले में पुलिस की 2 टीमें गठित

नारनौल में हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के आवास में घुसपैठ मामले में पुलिस ने दो विशेष टीमें गठित की हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश जारी है।

राव नरेंद्र सिंह आवास घुसपैठ मामले में पुलिस की 2 टीमें गठित

राव नरेंद्र सिंह के आवास घुसपैठ मामले में पुलिस ने 2 विशेष टीमें गठित कीं

डीएसपी बोले- अब तक हमले या एक्सटॉर्शन गैंग जैसी बात सामने नहीं आई

सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्धों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही

नारनौल में राव नरेंद्र सिंह के आवास पर जांच करती पुलिस - Dainik Bhaskar

हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नारनौल स्थित आवास में संदिग्ध लोगों के घुसने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया है।

नारनौल में राव नरेंद्र सिंह के आवास के बाहर खड़ा पुलिसकर्मी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देश पर जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में जुटी हुई है।

डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि जांच के लिए CIA इंचार्ज नारनौल और थाना सिटी SHO के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए हैं, जिनकी गतिविधियों और पहचान की जांच की जा रही है।

डीएसपी ने स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में अब तक किसी एक्सटॉर्शन गैंग या सुनियोजित हमले जैसी बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा और न ही फायरिंग जैसी कोई घटना हुई।

हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, 16 मई की सुबह करीब 3 बजे कुछ अज्ञात लोग राव नरेंद्र सिंह के आवास परिसर में घुस आए थे। आरोप है कि उन्होंने सबसे पहले सीसीटीवी की वायर काट दी। घर के लोगों के जागने पर संदिग्ध वहां से फरार हो गए।

घटना की सूचना राव नरेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र राव ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।