सरकार ने चांदी के आयात पर लगाई बड़ी रोक, बदले नियम, जानें
केंद्र सरकार ने चांदी के आयात नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए सिल्वर बार को Restricted कैटेगरी में डाल दिया है। अब सीधे विदेश से चांदी आयात नहीं की जा सकेगी।
➤सरकार ने चांदी के आयात पर बदला बड़ा नियम
➤अब सीधे विदेश से सिल्वर बार नहीं मंगा सकेंगे कारोबारी
➤DGFT ने सिल्वर बार को फ्री से Restricted कैटेगरी में डाला
सोने के बाद अब केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर भी बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सरकार ने चांदी के व्यापार से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए सिल्वर बार यानी चांदी की ईंटों के आयात पर नई पाबंदियां लागू कर दी हैं।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने चांदी के बार से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयात कोड 71069221 और 71069229 को “फ्री कैटेगरी” से हटाकर “Restricted Category” में डाल दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी कारोबारी विदेश से सीधे चांदी की ईंटें आयात नहीं कर सकेगा।
सरकार के नए नियम के अनुसार अब चांदी का आयात केवल तीन माध्यमों से ही किया जा सकेगा। इनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नामित बैंक, DGFT की अधिकृत एजेंसियां और IFSCA से मंजूर योग्य जौहरी शामिल हैं, जो India International Bullion Exchange (IIBX) के जरिए आयात कर पाएंगे।
सरकार का यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब कुछ दिन पहले ही सरकार ने सोने और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।
जानकारों के मुताबिक, भारत में चांदी का आयात लगातार तेजी से बढ़ रहा था। वर्ष 2025 में भारत ने करीब 9.2 अरब डॉलर की चांदी आयात की, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 44 प्रतिशत ज्यादा थी। वहीं चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है। एक साल में चांदी के दाम करीब तीन गुना बढ़कर 2.43 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गए।
सरकार की चिंता सिर्फ कीमतों को लेकर नहीं बल्कि बढ़ते व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा पर दबाव को लेकर भी है। रिपोर्ट्स के अनुसार देश का व्यापार घाटा 333 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। ऐसे में सरकार आयात कम करके विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके। अब चांदी पर सख्ती को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले का असर आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार, ज्वेलरी उद्योग और चांदी कारोबार से जुड़े व्यापारियों पर देखने को मिल सकता है।
Akhil Mahajan