करनाल जिला परिषद में BJP चेयरपर्सन प्रवेश राणा की कुर्सी गई, अविश्वास प्रस्ताव पास

करनाल जिला परिषद में BJP चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 17 वोटों से पारित हो गया। नए चेयरपर्सन के चुनाव तक वाइस चेयरपर्सन कार्यकारी जिम्मेदारी संभालेंगी।

करनाल जिला परिषद में BJP चेयरपर्सन प्रवेश राणा की कुर्सी गई, अविश्वास प्रस्ताव पास

करनाल जिला परिषद में BJP चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

19 पार्षदों ने मतदान किया, 17 वोट प्रस्ताव के पक्ष में और सिर्फ 2 समर्थन में पड़े

नए चेयरपर्सन के चुनाव तक वाइस चेयरपर्सन संभालेंगी कार्यकारी चेयरपर्सन की जिम्मेदारी


करनाल। हरियाणा के करनाल जिला परिषद में BJP समर्थित चेयरपर्सन प्रवेश राणा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को पारित हो गया। जिला परिषद कार्यालय में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की मौजूदगी में फ्लोर टेस्ट कराया गया, जिसमें बहुमत ने चेयरपर्सन के खिलाफ मतदान किया।

25 सदस्यीय जिला परिषद में 19 पार्षद मतदान के लिए पहुंचे। इनमें 17 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि केवल 2 वोट प्रवेश राणा के समर्थन में पड़े। बहुमत मिलने के साथ ही प्रवेश राणा को चेयरपर्सन पद से हटा दिया गया।

अब नए चेयरपर्सन के चुनाव तक वाइस चेयरपर्सन को कार्यकारी चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला परिषद के सीईओ अमित कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नए अध्यक्ष के चयन तक प्रशासनिक कार्य वाइस चेयरपर्सन के नेतृत्व में संचालित होंगे।

6-7 महीने पहले शुरू हुई थी कवायद

पार्षदों के अनुसार, प्रवेश राणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया करीब 6 से 7 महीने पहले शुरू हुई थी। लंबे समय तक असंतोष के बाद प्रस्ताव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई और गुरुवार को जिला परिषद कार्यालय में फ्लोर टेस्ट कराया गया।

विकास कार्य नहीं होने का लगाया आरोप

कई पार्षदों का आरोप है कि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में उनके वार्डों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो सके। उन्होंने कई बार जिला परिषद की बैठकों और अन्य माध्यमों से अपनी समस्याएं उठाईं, लेकिन समाधान नहीं निकला। इससे जनता के बीच भी उन्हें जवाब देना मुश्किल हो रहा था।

ग्रांट वितरण में भेदभाव के आरोप

पार्षद विनोद कश्यप ने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन ने ग्रांट वितरण में जातिगत आधार पर भेदभाव किया, जिससे अधिकांश पार्षद नाराज हो गए। हालांकि, इस आरोप पर प्रवेश राणा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब विकास कार्यों पर रहेगा फोकस

अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पार्षदों ने कहा कि जिला परिषद के शेष करीब सवा साल के कार्यकाल में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लंबित योजनाओं को पूरा किया जा सके।