40 साल से यहीं बेच रहे धान,निसिंग मंडी में गेट पास नहीं कटे, किसानों ने लगाया जाम
करनाल की निसिंग मंडी में धान के गेट पास नहीं कटने से कैथल के किसानों ने कैथल रोड जाम किया। किसान 40 साल से इसी मंडी में फसल बेच रहे हैं।
करनाल-कैथल रोड पर जाम लगाकर बैठे किसान, धान की खरीद में परेशानी से नाराज
➤ किसानों का दावा, 40 साल से निसिंग मंडी में बेच रहे फसल, अब गेट पास काटने से इनकार
➤ मार्केट कमेटी सचिव बोले- दूसरे जिले की धान मंडी में नहीं आने देने का पत्र जारी
करनाल जिले की निसिंग अनाज मंडी में धान की खरीद और गेट पास नहीं कटने से नाराज कैथल जिले के किसानों ने सोमवार को करनाल-कैथल रोड पर जाम लगा दिया। किसान अपनी धान की फसल लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन उनकी ट्रालियों के गेट पास नहीं काटे जा रहे थे। इससे परेशान किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर दीं और प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें पोर्टल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि उनके पास धान की फसल से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज हैं। इसके बावजूद उनकी ट्रालियों को मंडी में प्रवेश देने के लिए गेट पास जारी नहीं किए जा रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। सड़क पर जाम लगने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
40 साल से इसी मंडी में बेच रहे फसल, अब क्यों आ रही परेशानी
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि उनके गांव निसिंग के आसपास हैं और वे पिछले करीब 40 साल से निसिंग मंडी में अपनी फसल बेचते आ रहे हैं। इस बार भी वे पहले धान बेचकर जा चुके हैं, लेकिन अब उनकी ट्रालियों के गेट पास नहीं काटे जा रहे। इससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि वे खेती करके धान की फसल तैयार करते हैं, ताकि उसे मंडी में बेच सकें। इसके लिए वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचते हैं, लेकिन यहां पहुंचने के बाद भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर जाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
किसानों ने कहा कि जब उनके पास फसल से जुड़े सभी जरूरी कागजात मौजूद हैं और वे लंबे समय से इसी मंडी में धान बेचते आ रहे हैं, तो अब उनकी ट्रालियों के गेट पास क्यों नहीं काटे जा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक जाम जारी रहेगा।
सेटेलाइट से फानों में आग का पता चल जाता है, फिर धान की फसल क्यों नहीं दिखती
किसानों ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेतों में फानों में आग लगने पर सेटेलाइट के माध्यम से तुरंत जानकारी मिल जाती है। ऐसे में खेतों में धान की फसल होने का पता क्यों नहीं चल पाता? किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से यह कहा जाता है कि किसान देश में कहीं भी अपनी धान की फसल बेच सकता है, लेकिन दूसरे जिले की मंडी में फसल बेचने पहुंचने पर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दावा किया कि धान की फसल उनके अपने खेतों की है और उनके पास इससे संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज हैं। इसके बावजूद गेट पास नहीं काटे जा रहे। किसानों का कहना है कि जब वे अपनी फसल बेचने के लिए मंडी पहुंचे हैं, तो उन्हें इस तरह रोकना उचित नहीं है। इस व्यवस्था को लेकर किसानों में रोष है।
दूसरे जिले की धान मंडी में नहीं आने देने का पत्र जारी : सचिव
इस मामले में मार्केट कमेटी निसिंग के सचिव जसपाल मेहता ने बताया कि प्रदर्शन करने वाले किसान दूसरे जिले के हैं और निसिंग मंडी में धान लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पत्र जारी किया गया है कि दूसरे जिले की धान मंडी में नहीं आने दी जाए।
सचिव के अनुसार, फिलहाल किसानों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही सत्यापन भी किया जा रहा है, ताकि गलत तरीके से कोई ट्राली मंडी में प्रवेश न करे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए विभाग हमेशा तत्पर है।
Akhil Mahajan