हरियाणा में बिजली हड़ताल के दौरान ड्यूटी करने वाले JE और LDC यूनियन से निष्कासित, अब अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी
हरियाणा में बिजली हड़ताल के दौरान ड्यूटी करने पर पंचकूला के JE और जींद की LDC को यूनियन से निकाला। अधिकारियों की सूची तैयार हो रही।
हरियाणा में बिजली हड़ताल के दौरान ड्यूटी करने वाले JE और LDC को यूनियनों से निकाला
➤ पंचकूला के JE मुरलीधर की सदस्यता खत्म, जींद की LDC अंजू पर 5 साल का प्रतिबंध
➤ बिजली इंजीनियर एसोसिएशन भी तैयार कर रही अधिकारियों की सूची, हड़ताल में शामिल नहीं होने वालों पर कार्रवाई की तैयारी
हरियाणा में पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में हुई बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद अब यूनियनों के भीतर कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बातचीत के बाद अपनी मांगें मनवाने वाली बिजली कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल के दौरान ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पंचकूला के जूनियर इंजीनियर (JE) मुरलीधर और जींद की लोअर डिविजन क्लर्क (LDC) अंजू को संबंधित यूनियनों से निष्कासित कर दिया गया है। अंजू के दोबारा यूनियन में शामिल होने पर 5 साल का प्रतिबंध भी लगाया गया है। वहीं, हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान काम करने वाले अधिकारियों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। ऐसे अधिकारियों को भी एसोसिएशन से बाहर करने की तैयारी चल रही है।
बिजली कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब विभाग के कर्मचारी पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में एकजुट होकर संघर्ष कर रहे थे, तब कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल में शामिल होने के बजाय ड्यूटी जारी रखी। यूनियन नेतृत्व इसे संगठन के फैसले का उल्लंघन मान रहा है। इसी आधार पर अब संबंधित कर्मचारियों की सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, यह कार्रवाई यूनियन और एसोसिएशन की सदस्यता से संबंधित है, सरकारी नौकरी से बर्खास्तगी की नहीं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी से बातचीत के बाद खत्म हुई थी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में हड़ताल की थी। बिजली कर्मचारी यूनियनों ने इस व्यवस्था के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन का आह्वान किया था।
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों से काम बंद कर आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई थी। कर्मचारी संगठनों ने 22 से 24 अक्टूबर के दौरान हड़ताल का आह्वान किया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों की बातचीत हुई। वार्ता में मांगें माने जाने के बाद यूनियन नेताओं ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज भी यूनियन नेताओं के साथ मौजूद थे।
हड़ताल खत्म होने के बाद अब यूनियनों ने उन कर्मचारियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने हड़ताल के आह्वान का पालन नहीं किया था।
पंचकूला के JE मुरलीधर को यूनियन से निकाला, तत्काल प्रभाव से सदस्यता समाप्त
ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन (AHPCWU) ने पंचकूला में तैनात जूनियर इंजीनियर मुरलीधर के खिलाफ कार्रवाई की है।
मुरलीधर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) की माता मनसा देवी सब-डिवीजन में कार्यरत हैं।
यूनियन के अनुसार, 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल के आह्वान के बावजूद मुरलीधर ने ड्यूटी जारी रखी और संगठन के फैसले का पालन नहीं किया।
इसी आधार पर यूनियन ने उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
यूनियन की ओर से जारी निष्कासन पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सदस्यता रद्द होने के बाद मुरलीधर अब संगठन के संविधान के तहत मिलने वाले किसी भी अधिकार का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
इस फैसले के साथ उन्हें यूनियन से बाहर कर दिया गया है।
जींद की LDC अंजू की सदस्यता रद्द, अगले 5 साल तक यूनियन में वापसी पर रोक
पंचकूला के जूनियर इंजीनियर के बाद जींद में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के खिलाफ भी यूनियन ने कार्रवाई की है।
HSEB वर्कर यूनियन (हेड ऑफिस भिवानी) ने जींद की सब-डिवीजन नंबर-2 में तैनात लोअर डिविजन क्लर्क (LDC) अंजू की सदस्यता समाप्त कर दी है।
यूनियन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अंजू ने 22, 23 और 24 अक्टूबर को साझा संघर्ष हड़ताल के लिए जारी आदेशों का पालन नहीं किया था।
संगठन ने इसे हड़ताल के निर्देशों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता माना है।
इसके बाद यूनियन ने सर्वसम्मति से अंजू की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि अगले 5 वर्षों तक अंजू को दोबारा यूनियन में शामिल नहीं किया जाएगा।
यूनियन ने भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं देने का निर्णय भी लिया है।
इस तरह जींद की LDC के खिलाफ सदस्यता समाप्त करने के साथ पांच साल तक संगठन में वापसी पर प्रतिबंध लगाया गया है।
हड़ताल के दौरान ड्यूटी करने वाले अधिकारियों की भी बनेगी सूची, एसोसिएशन ने शुरू की जांच
कर्मचारी यूनियनों की ओर से दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी संगठनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान ड्यूटी पर मौजूद रहने वाले अधिकारियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है।
एसोसिएशन उन अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने हड़ताल के फैसले का पालन नहीं किया और आंदोलन के दौरान अपना काम जारी रखा।
इसके लिए ऐसे अधिकारियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, जो हड़ताल में शामिल होने के बजाय ड्यूटी करते रहे।
एसोसिएशन की योजना आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की सदस्यता समाप्त करने की है।
हालांकि, अभी संबंधित अधिकारियों की सूची और उनके खिलाफ अंतिम कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।
बिजली इंजीनियर एसोसिएशन का सख्त रुख, हड़ताल का बहिष्कार करने वालों को बाहर करने की तैयारी
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने कर्मचारी यूनियनों की कार्रवाई के बाद अपने स्तर पर भी सख्त रुख अपनाया है।
एसोसिएशन का मानना है कि हड़ताल के दौरान संगठन के सामूहिक फैसले का पालन किया जाना चाहिए था।
इसी आधार पर उन अधिकारियों की पहचान की जा रही है, जो हड़ताल के दौरान काम करते रहे।
एसोसिएशन ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
इससे स्पष्ट है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बावजूद संगठनों के भीतर अनुशासन को लेकर कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
बलजीत बैनीवाल बोले- जब कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ लड़ रहे थे, कुछ लोग हड़ताल कमजोर कर रहे थे
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के उपप्रधान बलजीत बैनीवाल ने हड़ताल के दौरान काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बताया है।
बैनीवाल ने कहा कि जब पूरे विभाग के कर्मचारी एकमत होकर निजीकरण से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय कुछ लोग हड़ताल को कमजोर करने में जुटे हुए थे।
उनके अनुसार, कर्मचारियों की लड़ाई जनता और किसानों से जुड़े हितों के लिए थी।
बैनीवाल ने कहा कि ऐसे में संगठन के फैसले का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने हड़ताल के दौरान काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी संगठनात्मक कार्रवाई के रुख का समर्थन किया है।
यूनियनों की कार्रवाई से कर्मचारियों को क्या नुकसान होगा, जानिए दोनों मामलों में लिए गए फैसले
बिजली कर्मचारी यूनियनों की ओर से जारी निष्कासन आदेशों में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ अलग-अलग फैसले लिए गए हैं।
पंचकूला के JE मुरलीधर की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है। इसके बाद वह यूनियन के संविधान के तहत मिलने वाले अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
वहीं, जींद की LDC अंजू की सदस्यता समाप्त करने के साथ अगले पांच साल तक उनके संगठन में दोबारा शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
HSEB वर्कर यूनियन ने भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं देने का फैसला भी किया है।
दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई यूनियन की सदस्यता से संबंधित है। उपलब्ध जानकारी में उनकी सरकारी सेवा समाप्त करने या विभागीय पद से हटाने का कोई उल्लेख नहीं है।
हरियाणा में बिजली हड़ताल के बाद अब तक किन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
|
कर्मचारी |
तैनाती |
यूनियन |
कार्रवाई |
|---|---|---|---|
|
JE मुरलीधर |
माता मनसा देवी सब-डिवीजन, पंचकूला |
AHPCWU |
तत्काल प्रभाव से सदस्यता समाप्त |
|
LDC अंजू |
सब-डिवीजन नंबर-2, जींद |
HSEB वर्कर यूनियन |
सदस्यता रद्द, 5 साल तक दोबारा शामिल होने पर रोक |
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हड़ताल के दौरान ड्यूटी करने वाले अधिकारी |
बिजली विभाग |
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन |
सूची तैयार की जा रही, सदस्यता समाप्त करने की तैयारी |
हड़ताल खत्म होने के बाद भी बिजली यूनियनों में जारी है कार्रवाई का दौर
हरियाणा में पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में हुई हड़ताल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बातचीत के बाद समाप्त हो चुकी है।
लेकिन हड़ताल के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका को लेकर यूनियनों के भीतर कार्रवाई जारी है।
पंचकूला के JE मुरलीधर और जींद की LDC अंजू की सदस्यता समाप्त करने के बाद अब बिजली इंजीनियर एसोसिएशन भी ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने हड़ताल के दौरान काम किया था।
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के उपप्रधान बलजीत बैनीवाल ने इस कार्रवाई को जरूरी बताया है। आने वाले दिनों में अधिकारियों के खिलाफ एसोसिएशन के स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह सूची तैयार होने के बाद स्पष्ट होगा।
Akhil Mahajan