हरियाणा के जवान की सैन्‍य सम्‍मान के साथ नम आंखों से अंतिम विदाई, 8 दिन की बेटी और 6 साल के बेटे को छोड़ गए विकास, बेटे ने दी मुखाग्नि

मतलौडा के 29 वर्षीय सेना जवान विकास देशवाल का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार हुआ। छह साल के बेटे ने मुखाग्नि दी, पीछे पत्नी और आठ दिन की बेटी रह गई।

हरियाणा के जवान की सैन्‍य सम्‍मान के साथ नम आंखों से अंतिम विदाई,  8 दिन की बेटी और 6 साल के बेटे को छोड़ गए विकास, बेटे ने दी मुखाग्नि

➤ पटियाला में परेड के दौरान सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान निधन

➤ 12 साल पहले सेना में भर्ती हुए विकास देशवाल पीछे पत्नी, 6 साल का बेटा और 8 दिन की बेटी छोड़ गए

➤ सैन्य टुकड़ी ने सलामी देकर दी अंतिम विदाई, गांव में पसरा मातम


पानीपत के मतलौडा निवासी 29 वर्षीय सेना जवान विकास देशवाल का सैन्य सम्मान और सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पटियाला में तैनाती के दौरान परेड के समय अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान सेना की टुकड़ी ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी। सबसे भावुक क्षण उस समय रहा, जब महज 6 साल के बेटे विमान ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।

विकास देशवाल वर्ष 2014 में सेना की 501 बटालियन में भर्ती हुए थे। करीब 12 साल तक देश की सेवा करने के बाद फिलहाल उनकी पोस्टिंग पटियाला में थी। ग्रामीणों के अनुसार विकास अपने मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक निधन की खबर से परिवार और गांव के लोग गहरे सदमे में हैं। लोगों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि हमेशा मुस्कुराते रहने वाला उनका अपना विकास अब उनके बीच नहीं रहा।

परेड के दौरान उठा सीने में दर्द।

जानकारी के अनुसार 23 अक्टूबर की सुबह परेड के दौरान विकास के सीने में अचानक दर्द उठा। इसके बाद बटालियन के जवान उन्हें अस्पताल लेकर गए। उपचार के बाद अगले दिन यानी 24 अक्टूबर की सुबह उनकी तबीयत फिर बिगड़ी। डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद सेना की ओर से कमांडर एस. सचिन के माध्यम से परिवार को उनके निधन की सूचना दी गई। जवान की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

आठ दिन की बेटी और छह साल के बेटे को छोड़ गए।

विकास देशवाल अपने पीछे पत्नी, छह साल के बेटे विमान और महज आठ दिन की बेटी छोड़ गए हैं। छोटी उम्र में ही दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अंतिम संस्कार के दौरान बेटे विमान ने पिता के पार्थिव शरीर के सामने हाथ जोड़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और फूल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

परिवार पहले ही एक बड़े दुख से गुजर चुका था। करीब आठ महीने पहले विकास के पिता वेद सिंह देशवाल का भी निधन हो गया था। अब जवान बेटे के अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई।

विकास देशवाल के पार्थिव शरीर को जब उनके गांव मतलौडा लाया गया तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान सेना की टुकड़ी ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी। गांव के लोगों ने नम आंखों से अपने जवान को अंतिम विदाई दी और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

ग्रामीणों ने कहा कि विकास का अचानक चले जाना पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति है। वह लंबे समय से सेना में सेवाएं दे रहे थे और अपने व्यवहार के कारण गांव में सभी के बीच लोकप्रिय थे।

परिवार और गांव में शोक की लहर।

जवान की मौत से परिवार के साथ-साथ पूरे मतलौडा क्षेत्र में शोक का माहौल है। सबसे ज्यादा चिंता अब पीछे रह गए छोटे बच्चों और पत्नी को लेकर है। आठ दिन की बेटी ने अभी दुनिया को ठीक से जाना भी नहीं था कि उसके सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं छह साल के बेटे ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी।

विकास देशवाल की सैन्य सेवा और उनके अचानक निधन ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। सैन्य सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।