चौथे दिन जंग तेज : गोलिस्तान पैलेस पर हमला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद; 742 मौतें, ट्रम्प की चेतावनी से बढ़ा तनाव
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के चौथे दिन गोलिस्तान पैलेस पर हमला, 742 मौतें और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर।
■ तेहरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस का हिस्सा डैमेज, धरोहर सुरक्षित
■ 742 मौतें, 750 से ज्यादा घायल; 1000 से अधिक ठिकानों पर हमलों का दावा
■ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, ट्रम्प बोले 4-5 हफ्ते चल सकती है जंग
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग आज चौथे दिन में प्रवेश कर गई है। इस बीच इजराइल ने तेहरान स्थित 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर के मुताबिक हमले में महल का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, हालांकि वहां संरक्षित कीमती और ऐतिहासिक वस्तुओं को पहले ही सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था, जिससे वे नुकसान से बच गईं। 16वीं सदी में सफवीद दौर में बना यह महल लंबे समय तक ईरान के शासकों का सत्ता केंद्र रहा है और 2013 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकियों से तुरंत वहां से निकलने की अपील की है। व्हाइट हाउस में बयान देते हुए उन्होंने कहा कि ईरान पर “सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है” और यह जंग 4-5 हफ्तों तक चल सकती है, जरूरत पड़ने पर अभियान और लंबा खिंच सकता है।
742 मौतें, 176 बच्चे शामिल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। शुरुआती 30 घंटों में 2000 से अधिक बम गिराए गए। अब तक 742 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं, जबकि 750 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई के पहले दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने का दावा किया गया। वहीं रविवार को 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत की भी खबर है।
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर स्कायलाइट को निशाना बनाया। इससे उसके एक भाग में आग लग गई।
खाड़ी में तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को रोका जा सकता है। भारत का करीब 50 प्रतिशत तेल आयात इसी मार्ग से होता है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।
ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यह रिफाइनरी सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी आरामको की है। इसकी क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास मानी जाती है।
बहरीन और सऊदी पर हमले, लेबनान में अलर्ट
IRGC ने बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर 20 ड्रोन और 3 मिसाइल दागने का दावा किया है। वहीं लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल के रामत डेविड एयरबेस पर ड्रोन हमला करने की बात कही है। इजराइल ने लेबनान के 59 इलाकों को खाली करने का आदेश दिया है। सऊदी अरब ने रियाद और अल-खारज की ओर आ रहे 8 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। कुवैत ने अब तक 178 मिसाइल और 384 ड्रोन नाकाम करने की बात कही है।
पाकिस्तान में प्रदर्शन, दूतावासों पर असर
खामेनेई की मौत की खबर के बाद कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुए। सुरक्षा बलों की फायरिंग में कई लोगों की मौत हुई। पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा कारणों से वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं।
खाड़ी देशों में 90 लाख भारतीय
2024 के आंकड़ों के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में 90 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। अकेले UAE में करीब 43 लाख भारतीय रहते हैं। जंग के बढ़ते दायरे के बीच भारतीय समुदाय की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है।
न्यूक्लियर डील की कोशिश नाकाम
अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ने खुलासा किया कि ईरान को 10 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने के बदले न्यूक्लियर फ्यूल देने का प्रस्ताव था, लेकिन ईरान ने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई शुरू की।
जंग के चौथे दिन हालात और जटिल हो गए हैं। गोलिस्तान पैलेस पर हमला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी, दूतावासों पर हमले और क्षेत्रीय संगठनों की सक्रियता ने पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध के व्यापक दायरे में ला खड़ा किया है।
Akhil Mahajan