नवजोत कौर सिद्धू ने दिए राजनीति छोड़ने के संकेत संतों की सेवा की बात कह फतेहगढ़ साहिब में बोलीं सिद्धू

नवजोत कौर सिद्धू ने फतेहगढ़ साहिब के सतलोक आश्रम में राजनीति छोड़ने के संकेत दिए। कैंसर और बॉडी डोनेशन को लेकर दिया भावुक बयान।

नवजोत कौर सिद्धू ने दिए राजनीति छोड़ने के संकेत  संतों की सेवा की बात कह फतेहगढ़ साहिब में बोलीं सिद्धू

■ नवजोत कौर सिद्धू बोलीं- राजनीति छोड़ संतों की सेवा करने की सोच रही हूं
■ फतेहगढ़ साहिब के सतलोक आश्रम में दिया बयान, कैंसर पर कहा- भगवान का शुक्रिया
■ हरियाणा के संत रामपाल के आश्रम पहुंचीं, जो 2014 से जेल में बंद


पंजाब की वरिष्ठ नेता डॉ. Navjot Kaur Sidhu ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। फतेहगढ़ साहिब स्थित Satlok Ashram में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह राजनीति खत्म कर संतों की सेवा करने की सोच रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक लोग दूर हो जाएं तो संत रामपाल जैसे लोग ही धरती को संभाल सकते हैं।

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू दो दिन पहले आश्रम पहुंचीं थीं, जहां उन्होंने आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने ब्रेस्ट कैंसर का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्हें कैंसर हुआ तो उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनके पति Navjot Singh Sidhu ने अपनी पूरी बॉडी दान कर रखी है। उनका कहना था कि ब्रेस्ट की किसी को जरूरत नहीं होती, लेकिन शरीर के अन्य अंग किसी के काम आ सकते हैं।

नेताओं और संतों पर क्या बोलीं

नवजोत कौर ने कहा कि आज के राजनीतिक लोग अपनी पहचान भूल चुके हैं। पहले राजा-महाराजा ब्राह्मणों और संतों से मार्गदर्शन लेते थे, लेकिन आज जो कुर्सी पर बैठता है, वही खुद को सर्वश्रेष्ठ समझने लगता है। उन्होंने कहा कि भगवान कुर्सी काम करने के लिए देता है, लेकिन संतों को असली कुर्सी मिली हुई है।

संत रामपाल कौन हैं?

जिस आश्रम में नवजोत कौर सिद्धू पहुंचीं, वह हरियाणा के संत Rampal से जुड़ा है। रामपाल का जन्म हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना गांव में हुआ था। वह हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे, लेकिन बाद में आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़े।

2006 के बाद से वह विवादों में आए। आर्य समाज से जुड़े विवाद और हिंसक झड़पों के बाद उनके खिलाफ हत्या समेत कई मामले दर्ज हुए। 2014 में आश्रम में पुलिस कार्रवाई और हिंसा के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। 2018 में हिसार की अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फिलहाल वह जेल में बंद हैं, हालांकि उनके अनुयायियों की संख्या अब भी बड़ी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी विरोधी बयानबाजी के चलते कांग्रेस पहले सस्पेंड कर चुकी है और बाद में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद से उनके भाजपा से नजदीकी बढ़ने की चर्चाएं भी होती रही हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।