हरियाणा का खजाना, पंजाब की राजनीति; सैनी की दोहरी चाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ₹2.23 लाख करोड़ का बजट पेश किया। हांसी को मॉडर्न जिला बनाने, किसानों के लिए अलग एग्री डिस्कॉम, 1 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य योजनाओं की घोषणा की गई।
■ केसरिया पगड़ी में बजट पेश कर पंजाब को दिया सियासी संदेश
■ गुरु नानक देव के तीन मूल मंत्रों से भाषण की शुरुआत
■ 2027 पंजाब चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति के संकेत
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए केवल आर्थिक घोषणाएं ही नहीं कीं, बल्कि सियासत के मैदान में भी एक बड़ा संकेत दे दिया। विधानसभा में जब वह केसरिया पगड़ी पहनकर पहुंचे और अपने भाषण की शुरुआत सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के तीन मूल स्तंभ नाम जपो, किरत करो, वंड छको के उल्लेख से की, तो राजनीतिक गलियारों में इसे सीधे तौर पर पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जाने लगा।
पंजाब में फरवरी 2027 में चुनाव प्रस्तावित हैं और समय भले ही करीब एक वर्ष दूर हो, लेकिन मुख्यमंत्री सैनी की सक्रियता ने साफ संकेत दे दिया है कि भाजपा अभी से जमीन तैयार करने में जुट गई है। बीते कुछ महीनों में सैनी ने पंजाब के कई जिलों में कार्यक्रमों में भाग लेकर स्थानीय जनता से संवाद किया है। हाल ही में वह दीनानगर पहुंचे थे, इससे पहले पटियाला और लुधियाना में भी उनकी सक्रिय मौजूदगी चर्चा का विषय रही।
बजट भाषण के दौरान उद्योग, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिलाओं, युवाओं, एआई और प्राकृतिक खेती जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट से अधिक चर्चा उनकी प्रतीकात्मक प्रस्तुति की रही। केसरिया पगड़ी को सिख अस्मिता और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इसे पंजाब के मतदाताओं तक भावनात्मक संदेश पहुंचाने की कोशिश माना जा रहा है।
बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री ने 12 प्रमुख प्रस्तावों की घोषणा की। किसानों को कृषि बिजली के लिए शीघ्र कनेक्शन और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरियाणा एग्री डिस्कॉम नाम से नई बिजली वितरण कंपनी बनाई जाएगी, जो 5084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवा देगी। ग्राम सभाओं, पैक्स और श्रम एवं निर्माण समितियों को सशक्त किया जाएगा। सभी सरकारी भवनों, स्वायत्त शैक्षणिक संस्थानों और पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करने की योजना है।
हर विधानसभा क्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर आदर्श परीक्षा केंद्र स्थापित होंगे। 100 करोड़ रुपये के सीड प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड बनाया जाएगा। मई 2026 में इनोवेशन चैलेंज आयोजित कर श्रेष्ठ एआई टीमों का चयन किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में 14 वर्ष की लगभग तीन लाख किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी।
नई मेक इन हरियाणा नीति के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और रोजगार सब्सिडी 48 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष की जाएगी। अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने पर भी निर्णय लिया जाएगा। यमुना नदी में जल प्रदूषण समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नया मिशन शुरू होगा। सोनीपत, हिसार, अंबाला शहर, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला और पानीपत में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड बनाया जाएगा।
बजट पेश करने के बाद विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सैनी ने स्पीकर हरविंदर कल्याण और अन्य नेताओं के साथ फूलों की होली भी खेली, जिसने सत्र को राजनीतिक के साथ सांस्कृतिक रंग भी दे दिया।
सियासी नजरिए से देखें तो यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी रण की भूमिका भी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि पंजाब की जनता इस प्रतीकात्मक संदेश को किस रूप में लेती है।
हरियाणा बजट में 12 प्रमुख प्रस्ताव
- किसानों के लिए बिजली: किसानों को कृषि के लिए बिजली का जल्दी कनेक्शन और निर्बाध बिजली देने के लिए हरियाणा एग्री डिस्कॉम के नाम से दूसरी बिजली वितरण कंपनी बनेगी, जो सभी 5084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं देगी।
- ग्राम सभाओं का सशक्तिकरण: राज्य की ग्राम सभाओं, पैक्स और श्रम एवं निर्माण समितियों का सशक्तिकरण किया जाएगा।
- सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सभी विभागों के सरकारी भवनों, स्वायत्त शैक्षणिक संस्थानों तथा सभी पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित किया जाएगा।
- आदर्श परीक्षा केंद्र: प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर 'आदर्श परीक्षा केंद्र' स्थापित किए जाएंगे।
- हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड: हरियाणा को अधिक स्वच्छ, हरित और जलवायु-सक्षम राज्य बनाने की दिशा में 100 करोड़ के सीड प्रावधान के साथ "हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड" की स्थापना की जाएगी।
- इनोवेशन चैलेंज: मई, 2026 में इनोवेशन चैलेंज का आयोजन करके सर्वोत्तम AI टीमों का चयन किया जाएगा।
- एचपीवी वैक्सीन: वर्ष 2026-27 में 14 वर्ष की लगभग 3 लाख किशोरियों का एच.पी.वी. वैक्सीन से टीकाकरण होगा।
- मेक इन हरियाणा नीति: निवेशकों को आकर्षित करने हेतु नई 'मेक इन हरियाणा' नीति के तहत सभी ब्लॉक्स में औद्योगिक निवेश तथा कर्मचारियों की भर्ती व आरएंडडी के लिए वित्तीय प्रोत्साहन एवं एम्प्लॉयमेंट सब्सिडी 48000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष की जाएगी।
- अकुशल श्रमिकों की मजदूरी: एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश पर शीघ्र ही निर्णय लेकर वर्ष 2026-27 में अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी।
- यमुना नदी में जल प्रदूषण: प्रदेश में यमुना नदी में जल प्रदूषण को समाप्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक नया मिशन प्रारंभ किया जाएगा।
- हांसी में सभी सुविधाएं
- सक्षम फंड: सोनीपत, हिसार, अम्बाला शहर, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला एवं पानीपत में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष 'सक्षम' फंड बनेगा।
■ हरियाणा का ₹2.23 लाख करोड़ का बजट पेश, पिछले साल से 10.28% अधिक प्रावधान
■ हांसी बनेगा मॉडर्न जिला, किसानों के लिए ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ की घोषणा
■ 1 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग, प्रति व्यक्ति आय 3.95 लाख पहुंचने का अनुमान
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,23,658.17 करोड़ का बजट पेश किया, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹2,02,816.66 करोड़ से 10.28 प्रतिशत अधिक है। विधानसभा में बजट भाषण की शुरुआत उन्होंने गुरु नानक देव के सिद्धांत ‘किरत कर, नाम जप, वंड छक’ के उल्लेख से की और इसे राज्य की विकास नीति का आधार बताया।
21 नए स्टेडियम बनेंगे
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विकास विभाग के लिए अपने बजटीय भाषण में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में हरियाणा के सभी नागरिकों में स्वस्थ जीवन शैली और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए 'फिट हरियाणा अभियान' शुरू किया जाएगा, जिसका शुभारंभ 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।
राज्य के होनहार खिलाड़ियों को नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण देने और अधिक पदक जीतने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में एक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक और एक खेलो इंडिया लघु केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसका संचालन किसी पूर्व चैंपियन खिलाड़ी को सौंपा जाएगा।
इसके अतिरिक्त, कैथल, झज्जर, चरखी दादरी, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, जींद, रोहतक, फरीदाबाद, यमुनानगर, सोनीपत, फतेहाबाद और पलवल में 21 नए खेल स्टेडियमों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 'मिशन ओलंपिक 2036' योजना के अंतर्गत वैज्ञानिक तरीकों से पूरे राज्य में प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की भी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि राजीव गांधी खेल परिसर, दौलताबाद को अपग्रेड करते हुए राज्य का पहला अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं से सुसज्जित पैरा खेल स्टेडियम बनाया जाएगा, जहां दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और खेल अवसंरचनाएं उपलब्ध होंगी। इन पहलों का उद्देश्य हरियाणा को खेल और फिटनेस के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाना है, साथ ही युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुग्राम में संकरी सड़कों वाली कॉलोनियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी कॉलोनियों को लाइसेंस कैसे दे दिए गए, यह आश्चर्य की बात है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ऐसी कॉलोनियों में सड़कों को 24 मीटर चौड़ा करेगी। इसके लिए सरकार जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करेगी और इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को राहत देगी।
सीएम ने बताया कि 71 शहरों में 849 नए सेक्टर बनेंगे। 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने के लिए पोर्टल पर किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। इनमें लाडवा, घरोंडा, पिहोवा, पृथला, रायपुररानी, टोहाना, बेरी, मतलौडा, इंद्री, फिरोजपुर झीरका, हथीन, नारनौंद, उकलाना, उचाना, भट्टू, रतिया, सफीदों व इसराना जैसे छोटे शहर भी शामिल हैं। गुरुग्राम, पिंजौर-कालका व फरीदाबाद समेत 13 शहरों में 40,126 एकड़ जमीन का विज्ञापन जारी किया गया है।
सीएम ने घोषणा की-500 वर्गगज तक के मकानों में हर महीने 10 किलोलीटर पानी फ्री मिलेगा। अभी इस पर 1 रुपए प्रति किलोलीटर शुल्क लिया जाता है। यह लाभ मीटर्ड वाले घरों को मिलेगा, यानी जिनके घर पानी के मीटर लगे हैं। 23 लाख घरों को 28 करोड़ रुपए प्रति वर्ष का फायदा होगा। पानी व सीवरेज पर बकाया 140 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया जाएगा।
महिलाओं को गाड़ियां खरीदने में छूट
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि अगर कोई महिला अपने नाम पर गाड़ी खरीदती है, तो उसे टैक्स में 1% की छूट मिलेगी, जिससे महिलाओं को गाड़ी खरीदने में मदद मिलेगी। इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर टैक्स में पहले से ही 20% की छूट मिल रही है, जिसे और बढ़ाया जाएगा, ताकि लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित हों और प्रदूषण कम हो।
इसके अलावा, नूंह, फरीदाबाद, अंबाला और गुरुग्राम में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे, ताकि अच्छे ड्राइवर तैयार हो सकें। सभी सरकारी बसों और टैक्सियों में ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पैनिक बटन दबाने पर कंट्रोल रूम को पता चल जाएगा और तुरंत मदद भेजी जा सकेगी।
लोगों को बसों के बारे में जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए 15 अगस्त, 2026 तक एक मोबाइल ऐप शुरू किया जाएगा, जिससे बस कहां है और कब आएगी, यह पता चल सकेगा। इन सभी योजनाओं का मकसद महिलाओं को ताकत देना, प्रदूषण कम करना और लोगों के लिए परिवहन को आसान और सुरक्षित बनाना है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जिससे सड़कों पर होने वाली घटनाओं पर तत्काल नजर रखी जा सके और मदद पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने पुरानी और खराब हो चुकी गाड़ियों को हटाने के लिए चलाई जा रही योजना के बारे में भी जानकारी दी।
इस योजना का उद्देश्य सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और पुरानी चीजों को रिसाइकल करके इस्तेमाल करने को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक 11,351 सरकारी और 14,487 प्राइवेट गाड़ियां हटाई गई हैं, और अगले साल 11,500 सरकारी और 15,000 प्राइवेट गाड़ियां हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इन प्रयासों से सड़कों को सुरक्षित बनाने और पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि चंडीगढ़-दिल्ली एयरपोर्ट-गुरुग्राम और चंडीगढ़ से मुख्य धार्मिक स्थलों जैसे कटरा, सालासर, खाटूश्याम, हरिद्वार, अमृतसर आदि की यात्रा के लिए हरियाणा रोडवेज द्वारा 50 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जाएगी, जिससे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में 12 शहरों में चल रही इलैक्ट्रिक सिटी बसों के समान यह सेवा शेष जिला मुख्यालयों में भी शुरू की जाएगी।
विद्यार्थियों को बेहतर यातायात सुविधाएं प्रदान करने के लिए 1,000 नई बसों की खरीद की जाएगी, और महिला यात्रियों व छात्राओं के लिए समर्पित बसों की संख्या 273 से बढ़ाकर 500 की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कनीना, नरवाना, गन्नौर एवं कलायत में नए बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा, और एचएसएससी के परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्रा सुविधा देने के लिए एक वेब पोर्टल बनाया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य राज्य में परिवहन सेवाओं को सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना है।
6 जिलों में PWD गेस्ट हाउस बनेंगे
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कि 170 करोड़ रुपए की लागत से करनाल, जींद, डबवाली, लाडवा, लोहारू और अटेली में नए PWD गेस्ट हाउस बनाए जाएंगे, और कुरुक्षेत्र में एक बड़े स्तर का गेस्ट हाउस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नए बजट में 5000 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधारीकरण किया जाएगा, जिससे राज्य में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि गुरुग्राम-पटौदी रोड के हरसारू बाइपास से बजीरपुर होते हुए झज्जर तक छह लेन सड़क तथा फरुखनगर बाइपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे यातायात को सुगम बनाया जा सकेगा। इन पहलों का उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना है।
ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लागू होगी
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि बिजली आपूर्ति में कट या ब्रेकडाउन के कारण सेवा के अधिकार अधिनियम में निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं होने पर औद्योगिक उपभोक्ताओं को डीजल सेट का सहारा लेना पड़ता है, जिसके चलते उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि ऐसे समय के लिए औद्योगिक उपभोक्ताओं से फिक्स्ड चार्ज नहीं लिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने नए बजट में 2.2 लाख घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान हरियाणा में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लागू करने का भी ऐलान किया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करना है। इन पहलों से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
श्रमिकों के लिए स्कूल खुलेगा
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए अटल आवासीय विद्यालय खोला जाएगा, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होगी। इसके अलावा, औद्योगिक शेड बनाने पर लगने वाले टैक्स को कम किया जाएगा, क्योंकि अभी यह टैक्स ज्यादा है, जिससे उद्योगों को परेशानी होती है।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की सेहत का ध्यान रखते हुए यह भी कहा कि हर साल सभी श्रमिकों का मुफ्त स्वास्थ्य जांच कराया जाएगा। इसके लिए "समेकित सुरक्षित श्रमिक स्वास्थ्य सिस्टम (4S)" शुरू किया जाएगा। इन सभी घोषणाओं का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि वे एक बेहतर जीवन जी सकें।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्रम विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने घोषणा की कि सभी दुकानों एवं वाणिज्यिक संस्थानों का स्वतः पंजीकरण अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सके।
इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार की 4 श्रम संहिताओं (मजदूरी संहिता-2019, औद्योगिक संबंध संहिता-2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 एवं व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य और कार्य शर्ते संहिता-2020) के लिए नियम बनाकर उन्हें लागू किया जाएगा, जिससे श्रम कानूनों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए हरसरू, कादीपुर, वजीराबाद, शाहबाद मारकंडा व फतेहाबाद में पांच नई ESI डिस्पेंसरी खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वर्तमान में मानेसर में संचालित 100 बिस्तर वाले ESI अस्पताल को 200 बिस्तर में अपग्रेड करके यहां एक नया मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
3 जिलों में वेडिंग सिटी बनाएंगे
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने बजटीय भाषण में Wed India की तर्ज पर हरियाणा में वेडिंग सिटी बनाए जाने का ऐलान किया है। यह सिटी सगाई से विदाई तक के कांसेप्ट पर काम करेगी। गुरुग्राम, खरखौदा (सोनीपत) और पिंजौर (पंचकूला) में ये वेडिंग सिटी बनाई जाएंगी।
औद्योगिक प्लॉटों के लिए 'लैंड ऑन लीज' पॉलिसी
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने घोषणा की है कि हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) वर्ष 2026-27 में औद्योगिक प्लॉटों के लिए 'लैंड ऑन लीज' नीति लागू करेगी। इस नीति के तहत, औद्योगिक प्लॉट दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे और आवश्यकता होने पर इन्हें फ्रीहोल्ड में परिवर्तित करने की सुविधा भी दी जाएगी।
इसके अलावा, नए उद्योगों की स्थापना और इकाइयों के शीघ्र परिचालन को बढ़ावा देने के लिए, HSIIDC राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ तैयार औद्योगिक फैक्ट्रियां और शेड भी विकसित करेगा। निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए लैंड फीजिबिलिटी सर्टिफिकेट व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसके तहत निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने HSIIDC के 500 से अधिक प्लॉट धारकों को राहत देते हुए निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ाने की घोषणा की है। ये प्लॉट धारक कोविड के बाद उपजी कठिनाइयों का सामना कर रहे थे और उन पर रिजंपशन (भूमि वापस लेने) की तलवार लटकी हुई थी।
इसके अतिरिक्त, निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर एवं रेवाड़ी में सभी संबंधित विभागों के कॉमन इंडस्ट्रियल सेक्रेटेरिएट बनाने का भी प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उद्योग एवं श्रम विभाग के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि पिछले बजट प्रस्ताव के अनुसार और संकल्प पत्र में घोषित 10 नए IMT में से अंबाला और नारायणगढ़ के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके अलावा, तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद एवं राई में आईएमटी विकसित करने के लिए ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से प्रस्ताव मांग लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले बजट में घोषित 12 औद्योगिक नीतियों के नए प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। साथ ही, एक नई सेमीकंडक्टर नीति, फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस नीति, टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट नीति, और एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) नीति के प्रारूप भी तैयार कर लिए गए हैं। इन सभी नीतियों को वर्ष 2026-27 में लागू किया जाएगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में ये ऐलान....
- 250 विद्यालयों को CM (EEE) विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा।
- हरियाणा दिवस 1 नवंबर, 2026 तक सभी राजकीय विद्यालयों में डबल डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान।
- जर्मन व जापानी भाषाएं पढ़ाने के लिए 100 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- भविष्य विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से एक वर्चुअल AI एवं डिजिटल कॉलेज शुरू होगा।
- स्टेम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कक्षा 11वीं के 100 विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय भ्रमण कराया जाएगा।
- भिवानी, करनाल, फरीदाबाद, नूंह, पंचकूला, सोनीपत तथा पलवल जिलों में दोहरी पाली में चल रहे 25 विद्यालय एकल पाली में परिवर्तित होंगे।
- गांव माजरा लोहरी (गुरुग्राम), गांव खेड़ी तलवाना (महेंद्रगढ़), नारायणगढ़ (अंबाला) और कवि (पानीपत) में 4 नए राजकीय बहु-तकनीकी संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव।
- 3,328 राजकीय उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को खेल मैदान के विकास हेतु ₹1 लाख प्रति विद्यालय मिलेंगे।
- प्रदेश के 250 विद्यालयों में ₹25 करोड़ की लागत से अटल टिंकरिंग लैब बनेंगी।
- उच्च शिक्षा के तंत्र तथा अनुसंधान प्रयोगशालाओं के उन्नयन हेतु ₹10 करोड़ का उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान उत्कृष्टता कोष शुरू किया जाएगा।
- वीर बाल मेमोरियल इन्स्टिट्यूट योजना के तहत किसी विद्यार्थी की दुर्घटना में मृत्यु पर उसके परिवार को ₹5 लाख और दिव्यांगता होने पर ₹3 लाख की राशि दी जाएगी।
बजट की अहम घोषणाएं
- किसानों के लिए "हरियाणा एग्री डिस्कॉम" नाम से तीसरी बिजली कंपनी बनेगी। 5084 कृषि फीडर और 7.12 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली।
- ग्राम सभा, पैक्स और श्रम समितियों को मजबूती। हर बैठक में 6 नए कार्य अनिवार्य। 300 पैक्स लाभ में लाने का लक्ष्य। श्रम समितियों को ₹4000 करोड़ के कार्य।
- सरकारी भवन, स्वायत्त शिक्षण संस्थान और पंजीकृत गौशालाएं गैर-परंपरागत ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित होंगी।
- 10 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹500 करोड़ का विशेष फंड।
- हर विधानसभा क्षेत्र में PPP मॉडल पर "आदर्श परीक्षा केंद्र"। पहला केंद्र 25 दिसंबर 2026 तक।
- ₹100 करोड़ के साथ "हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड" की स्थापना।
- 2026–27 में 3 लाख 14 वर्षीय किशोरियों का HPV टीकाकरण। हर जिला व उप-जिला अस्पताल में "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" क्लीनिक।
- मई 2026 में AI इनोवेशन चैलेंज। 1 नवंबर 2026 से चुने गए मॉडल लागू।
- नई "मेक इन हरियाणा" नीति। एम्प्लॉयमेंट सब्सिडी ₹48,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष।
- 2026–27 में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ेगी।
- यमुना नदी प्रदूषण खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नया मिशन।
- हांसी राज्य का 23वां जिला। अब विकसित होगा अति आधुनिक मॉडल जिले के रूप में।
- मुख्यमंत्री ने केसरिया पगड़ी में बजट भाषण पढ़ते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिनमें नया जिला हांसी को आधुनिक मॉडल जिले के रूप में विकसित करना, किसानों के लिए अलग बिजली वितरण निगम बनाना और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ना प्रमुख हैं।
सबसे अहम घोषणा किसानों को लेकर रही। राज्य में मौजूदा HBVN और DHBVN के अलावा तीसरा बिजली वितरण निगम ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ बनाया जाएगा। इसके तहत 5084 कृषि फीडर और 7.12 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है तथा ट्यूबवेल कनेक्शन प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे कृषि क्षेत्र को स्थायी राहत मिलेगी।
किसानों के लिए ये ऐलान....
- भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम सहित अन्य जिलों में अतिरिक्त 1.40 लाख एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाया जाएगा।
- कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण से प्रमाणित किसानों को अगले 5 वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष मिलेगा अनुदान।
- देसी कपास की खेती की प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रति एकड़।
- धान छोड़कर दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को ₹2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस।
- पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी व नारनौल की जिला मंडियों में जैविक किसानों को उपज बेचने के लिए विशेष स्थान मिलेगा।
- ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2,000 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण देकर ग्रामीण हाट और सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा।
- मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में फलों पर मुआवजा बढ़ाकर ₹50,000 और सब्जियों–मसालों पर बढ़ाकर ₹40,000 प्रति एकड़।
- किसानों को सीधा बाजार देने के लिए प्रदेशभर में "ग्रामीण हाट मंडियां" स्थापित होंगी।
- एकल आंख विधि से गन्ने की बिजाई पर प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़।
- मधुमक्खी पालन को सुरक्षित बनाने के लिए इसे मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करेंगे।
- गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत 4 फीट दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण पर प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़।
- मत्स्य किसानों के लिए यमुनानगर, रोहतक व फरीदाबाद में ₹9 करोड़ से नई मृदा–जल परीक्षण लैब स्थापित होंगी।
- ₹20 करोड़ से ज्योतिसर और सांपला के मछली बीज फार्मों का आधुनिकीकरण होगा।
- उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ₹10 करोड़ की लागत से 100 पशुओं की क्षमता वाले आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित होंगे।
- प्रदेश में 7 नए पशु औषधालय और 4 नए राजकीय पशु चिकित्सालय खोले जाएंगे।
- हिसार में ₹30 करोड़ की लागत से हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र बनेगा।
- दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए रेवाड़ी और अंबाला में ₹300–₹300 करोड़ की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दो नए मिल्क प्लांट बनेंगे।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार व फरीदाबाद में ₹100 करोड़ की लागत से मछली मंडियां और करनाल में ₹50 करोड़ की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी।
- खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 8 नई फूड टेस्टिंग लैब स्थापित होंगी। साथ ही करनाल में ₹8 करोड़ से NABL प्रमाणित दूध व खाद्य परीक्षण लैब बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और प्रति व्यक्ति आय देश के प्रमुख राज्यों में सबसे ऊपर पहुंचने की दिशा में है। वर्ष 2014-15 में जहां प्रति व्यक्ति आय ₹1,47,382 थी, वह 2023-24 में बढ़कर ₹3,24,958 हो गई। 2024-25 में यह ₹3,58,171 तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि 2025-26 में इसके ₹3,95,618 तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। यह राष्ट्रीय औसत ₹2,19,575 से काफी अधिक है।
बजट में युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि AI मिशन के तहत एक लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। मई 2026 में AI इनोवेशन चैलेंज आयोजित होगा और 1 नवंबर 2026 से चयनित मॉडल लागू किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए ‘हर नारी, स्वस्थ नारी’ योजना के तहत प्रत्येक जिले व उप-जिला अस्पताल में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार क्लीनिक’ स्थापित किए जाएंगे। 2026-27 में 3 लाख 14 वर्षीय किशोरियों का HPV टीकाकरण किया जाएगा।
ग्राम विकास को लेकर ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक में छह अनिवार्य विषयों—विकास, नशा निवारण, पेयजल, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और रखरखाव—पर चर्चा जरूरी की गई है। 300 पैक्स को लाभ में लाने का लक्ष्य रखा गया है तथा श्रम समितियों को ₹4000 करोड़ के कार्य दिए जाएंगे।
बजट में 10 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹500 करोड़ का विशेष फंड, ‘हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड’ के लिए ₹100 करोड़, ‘मेक इन हरियाणा’ नीति के तहत रोजगार सब्सिडी ₹48,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष करने की घोषणा भी की गई। अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का भी प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बार राज्य ने 98 प्रतिशत बजट खर्च किया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। राजकोषीय घाटे में 2014 से 2024 तक 2.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में यह 44 प्रतिशत तक बढ़ गया था।
हांसी को राज्य का 23वां जिला घोषित करते हुए उसे अत्याधुनिक मॉडल जिले के रूप में विकसित करने का संकल्प भी बजट का बड़ा आकर्षण रहा।
Akhil Mahajan