सोनीपत सचिवालय में हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, घेराबंदी तोड़ सचिवालय में घुसे इनेलो कार्यकर्ता, डीसी को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े

सोनीपत में महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे इनेलो कार्यकर्ताओं ने डीसी को ज्ञापन देने की मांग पर मिनी सचिवालय का गेट खोलकर परिसर में प्रवेश किया।

सोनीपत सचिवालय में हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, घेराबंदी तोड़ सचिवालय में घुसे इनेलो कार्यकर्ता, डीसी को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े
  • महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ सोनीपत में इनेलो का जोरदार प्रदर्शन
  • डीसी को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े कार्यकर्ताओं ने खोला सचिवालय का गेट
  • पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, परिसर में गूंजे सरकार विरोधी नारे

हरियाणा के सोनीपत में सोमवार को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) द्वारा महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ किया गया प्रदर्शन उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया, जब सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय का मुख्य गेट जबरदस्ती खोल दिया और परिसर के अंदर प्रवेश कर गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक खींचतान और धक्का-मुक्की का माहौल बना रहा।

कार्यकर्ता बैलगाड़ी पर सवार होकर मिनी सचिवालय पहुंचे। बैलगाड़ी पर महंगाई विरोधी पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।

प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोनीपत में अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता बैलगाड़ी पर सवार होकर मिनी सचिवालय पहुंचे। बैलगाड़ी पर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। रास्ते भर कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।

मिनी सचिवालय पहुंचने के बाद इनेलो नेताओं ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिला उपायुक्त के माध्यम से सौंपने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे सीधे डीसी सोनीपत को ज्ञापन देना चाहते हैं। हालांकि प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

इनेलो कार्यकताओं और पदाधिकारी गेट को धक्का लगाते हुए और पुलिस रोकने की कोशिश करते हुए

इसी बात को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ने लगी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद कार्यकर्ताओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया और डीसी के आने की मांग पर अड़ गए। जब कोई वरिष्ठ अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो माहौल और अधिक गर्मा गया।

करीब एक घंटे तक चले इंतजार के बाद इनेलो कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट को धक्का देना शुरू कर दिया। दूसरी ओर पुलिसकर्मी गेट को मजबूती से पकड़े रहे और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश करते रहे। कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच जोरदार खींचतान चलती रही।

आखिरकार इनेलो के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्ती गेट खोल दिया तो पुलिस रोक नहीं पाई।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एक साथ गेट पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद मुख्य गेट खुल गया और इनेलो कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मिनी सचिवालय परिसर में दाखिल हो गए।

सचिवालय परिसर में पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और महंगाई, बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। कई नेताओं ने मौके पर संबोधन करते हुए कहा कि आम जनता लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान है, जबकि सरकार राहत देने में नाकाम साबित हो रही है।

प्रोटेस्ट में महिलाएंऔर काफी संख्या में लोग भी शामिल हुए

इनेलो के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अनावश्यक रूप से रोककर विवाद की स्थिति पैदा कर दी।

कुणाल गहलावत ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को लगभग एक घंटे तक तेज धूप में खड़ा रखा गया, जिससे कई बुजुर्ग महिलाएं और वरिष्ठ कार्यकर्ता परेशान हो गए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ज्ञापन स्वीकार कर लिया जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।

कार्यकर्ता बैलगाड़ी पर सवार होकर मिनी सचिवालय पहुंचे। बैलगाड़ी पर महंगाई विरोधी पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।

प्रदर्शन के दौरान इनेलो नेताओं ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके विरोध में पूरे हरियाणा में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

आखिरकार सचिवालय परिसर में पहुंचने के बाद इनेलो नेताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।