हिमाचल में फाइव-डे वीक की मांग कर्मचारियों का दावा- 100 करोड़ की बचत
हिमाचल सचिवालय कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर सरकारी दफ्तरों में फाइव-डे वीक लागू करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का दावा है कि इससे सालाना 100 करोड़ रुपए की बचत होगी।
हिमाचल सचिवालय कर्मचारियों ने उठाई फाइव-डे वीक की मांग
■ कर्मचारियों का दावा- सालाना 100 करोड़ रुपए की होगी बचत
■ सीएम सुक्खू से मिलकर रखीं कई लंबित मांगें
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी दफ्तरों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव-डे वीक) लागू करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। हिमाचल सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर यह प्रमुख मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सप्ताह में दो दिन अवकाश दिया जाता है तो कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, मानसिक तनाव कम होगा और सरकार को सालाना करीब 100 करोड़ रुपए की बचत भी होगी।
सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संघ के अध्यक्ष राजिंद्र सिंह मियां ने बताया कि मुख्यमंत्री पहले भी इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पांच दिन प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त कार्य करने के लिए तैयार हैं। देश के कई राज्यों में पहले से यह व्यवस्था लागू है और इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
223 रिक्त पद भरने की भी मांग
कर्मचारी संगठन ने फाइव-डे वीक के अलावा सचिवालय में लंबे समय से खाली पड़े 223 लिपिकीय पदों को भरने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही वर्ष 2025 में नियुक्त 87 ट्रेनी कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से सचिवालय भत्ता देने और भत्ते से वंचित कर्मचारियों को भी यह सुविधा प्रदान करने की मांग की गई।
स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की मांग
संगठन ने सचिवालय परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से खाली पड़े मेडिकल ऑफिसर के पद को भरने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। इसके अलावा आधुनिक मॉड्यूलर फर्नीचर, नए कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य कार्यालय संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
इंटरनेट और पार्किंग की समस्या भी उठाई
कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में खराब इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इससे ई-ऑफिस, ऑनलाइन बैठकों और डिजिटल कार्यों में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है।
इसके अलावा सचिवालय में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, कैंटीन के उन्नयन तथा लंबित महंगाई भत्ते और एरियर के भुगतान की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।
pooja