कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रधान की कुर्सी पर हाईवोल्टेज ड्रामा, महिला ने गर्दन पकड़कर खींचा; VIDEO वायरल, पुलिस पहुंची
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुंटिया कार्यालय में प्रधान की कुर्सी को लेकर दो गुटों के बीच जमकर विवाद हुआ। महिला पदाधिकारी द्वारा नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से हटाने की कोशिश का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई।
➤ कुंटिया कार्यालय में प्रधान की कुर्सी को लेकर दो गुट आमने-सामने, जमकर हुआ हंगामा
➤ महिला ने गर्दन, हाथ और कॉलर पकड़कर कुर्सी से उठाने की कोशिश की, VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल
➤ पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए मारपीट और खींचतान के आरोप
हरियाणा के कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (KU) में गुरुवार को गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के प्रधान पद को लेकर ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने पूरे कैंपस में चर्चा छेड़ दी। कुंटिया कार्यालय में प्रधान की कुर्सी पर बैठने को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि एक महिला पदाधिकारी ने कुर्सी पर बैठे नीलकंठ शर्मा को गर्दन, हाथ और कॉलर पकड़कर कुर्सी से हटाने की कोशिश की। करीब एक मिनट तक चली इस खींचतान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराकर थाने ले गई।
प्रधान की कुर्सी पर बैठते ही शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार गुरुवार को नीलकंठ शर्मा अपने समर्थकों के साथ कुंटिया कार्यालय पहुंचे और प्रधान की कुर्सी पर बैठ गए। उनके समर्थकों ने उन्हें संगठन का प्रधान बताते हुए बधाई दी और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। कार्यालय में मौजूद अन्य पदाधिकारी भी उनके साथ बैठ गए।
इसी दौरान रजवंत कौर अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने स्वयं को कुंटिया की निर्वाचित प्रधान बताते हुए नीलकंठ शर्मा से तुरंत कुर्सी खाली करने को कहा। जब नीलकंठ शर्मा अपनी सीट से नहीं उठे तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और खींचतान तक पहुंच गया।
गर्दन, बाजू और कॉलर पकड़कर हटाने की कोशिश
वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रजवंत कौर पहले नीलकंठ शर्मा की बाजू पकड़कर उन्हें कुर्सी से उठाने का प्रयास करती हैं। इसके बाद वह उनकी गर्दन और कॉलर पकड़कर भी उन्हें हटाने की कोशिश करती हैं। वह कुर्सी और मेज के बीच खड़ी होकर पूरा जोर लगाती हैं, लेकिन नीलकंठ शर्मा अपनी सीट से नहीं उठते।
इस दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारी दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन काफी देर तक विवाद जारी रहा। वीडियो में नीलकंठ शर्मा हाथ जोड़ते हुए भी दिखाई देते हैं, जबकि दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आते हैं।
पुलिस ने पहुंचकर कराया बीच-बचाव
विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही केयूके थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को शांत कराया और फिर नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से उठाया। इसके बाद दोनों गुटों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हाथापाई, धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है प्रधान की कुर्सी का पूरा विवाद?
दरअसल, कुंटिया में प्रधान का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। पिछले वर्ष चुनाव निर्धारित समय पर नहीं हो सके थे, जिसके बाद संगठन के भीतर मतभेद बढ़ गए। इसी बीच नीलकंठ शर्मा और पूर्व प्रधान रामकुमार गुर्जर के समर्थकों ने पिछले महीने 3 जून को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले बैठक कर नीलकंठ शर्मा को सर्वसम्मति से नया प्रधान घोषित कर दिया।
वहीं रजवंत कौर का कहना है कि पिछले नियमित चुनाव में उन्हें 435 वोट मिले थे और उन्होंने नीलकंठ शर्मा को 21 वोटों से हराया था। उनके अनुसार उनका कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए वही वैध प्रधान हैं। इसी दावे को लेकर दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ।
दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे किए
नीलकंठ शर्मा का कहना है कि उन्हें संगठन की सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया है और रजवंत कौर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उनका आरोप है कि रजवंत कौर जबरन कार्यालय पहुंचीं और उन्हें कुर्सी से हटाने का प्रयास किया।
दूसरी ओर रजवंत कौर ने दावा किया कि वह विधिवत निर्वाचित प्रधान हैं और कार्यालय की कुर्सी पर उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलकंठ शर्मा बिना अधिकार के प्रधान की कुर्सी पर बैठ गए थे।
पुलिस बोली- दोनों पक्षों की शिकायत मिली
केयूके थाना के SHO सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष स्वयं को संगठन का वैध पदाधिकारी बता रहे हैं। दोनों की ओर से शिकायतें दी गई हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan