हिसार के कैंप चौक के पास करंट लगने से एक व्यक्ति की मौके पर मौत।
हिसार के कैंप चौक स्थित फ्लेमिंगो टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स के पास बिजली के पोल को छूते ही एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस मृतक की पहचान में जुटी है और खुले तारों को हादसे की वजह माना जा रहा है।
- हिसार के कैंप चौक के पास करंट लगने से एक व्यक्ति की मौके पर मौत।
- बिजली के पोल को छूते ही जोरदार धमाका हुआ, खुले तारों पर उठे सवाल।
- मृतक की पहचान नहीं, पुलिस ने शव सिविल अस्पताल में रखवाया।
हिसार में बिजली के पोल ने ली जान, करंट लगते ही खड़े-खड़े हुई मौत; खुले तारों पर उठे सवाल
हरियाणा के हिसार शहर में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। घटना शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल कैंप चौक के पास स्थित फ्लेमिंगो टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स के नजदीक हुई। बताया जा रहा है कि व्यक्ति बिजली के पोल के पास से गुजर रहा था। जैसे ही उसने पोल को छुआ, तेज धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया।
करंट का झटका इतना तेज कि मौके पर ही चली गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट का प्रवाह इतना तेज था कि व्यक्ति को संभलने या खुद को पीछे खींचने का मौका तक नहीं मिला। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद उसका शव जमीन पर गिरने के बजाय पोल और दीवार के बीच सीधा खड़ा रह गया, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग भी दहशत में आ गए।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मृतक लाल रंग की बनियान पहने हुए पोल और दीवार के बीच बेजान हालत में खड़ा दिखाई दे रहा है।
खुले तारों को बताया जा रहा हादसे की वजह
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली के स्टील पोल के ऊपर से गुजर रही लाइन के कई नंगे और खुले तार नीचे की ओर लटक रहे थे। आशंका है कि व्यक्ति का हाथ इन्हीं तारों के संपर्क में आया, जिसके बाद तेज धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बिजली व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मृतक की नहीं हो सकी पहचान
फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। आसपास के लोगों और अन्य माध्यमों से पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
72 घंटे तक पहचान का इंतजार
पीएलए चौकी के प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 44 वर्ष प्रतीत होती है। यदि 72 घंटे के भीतर उसकी पहचान नहीं हो पाती है तो नियमानुसार पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
pooja