संदीप हत्याकांड में बड़ा फैसला, 4 दोषियों को उम्रकैद; कोर्ट ने लगाया ₹35-35 हजार जुर्माना

यमुनानगर के चर्चित संदीप हत्याकांड में कोर्ट ने चार आरोपियों को उम्रकैद और ₹35-35 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। नाबालिग आरोपियों का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है

संदीप हत्याकांड में बड़ा फैसला, 4 दोषियों को उम्रकैद; कोर्ट ने लगाया ₹35-35 हजार जुर्माना

तीन साल पुराने संदीप हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, चारों आरोपियों को आजीवन कारावास

लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला करने के मामले में हत्या का दोषी ठहराया

प्रत्येक दोषी पर ₹35 हजार जुर्माना, नाबालिग आरोपियों का मामला अभी किशोर न्याय बोर्ड में लंबित


हरियाणा के यमुनानगर में करीब तीन साल पहले हुए चर्चित संदीप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार की अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों करण उर्फ कन्नी, इमरान, प्रिंस उर्फ अड्डा और राजा उर्फ कालू पर 35-35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

घर लौटते समय किया गया था जानलेवा हमला

उप जिला न्यायवादी रविंद्र मलिक के अनुसार, घटना 24 जुलाई 2023 की रात की है। संदीप अपने दोस्त अंकुश के साथ घर लौट रहा था। जब दोनों गंगानगर कॉलोनी स्थित ठेकेदार वाली गली में पहुंचे तो पहले से मौजूद आरोपियों ने उन्हें रोक लिया।

पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने संदीप पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथ मौजूद दोस्त ने घटना की सूचना परिजनों और पुलिस को दी।

PGI में इलाज के दौरान हुई थी मौत

घटना के बाद घायल संदीप को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद 2 अगस्त 2023 को संदीप ने दम तोड़ दिया।

संदीप की मौत के बाद पुलिस ने पहले दर्ज मारपीट के मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया।

जांच में 8 आरोपी गिरफ्तार हुए थे

पुलिस जांच के दौरान इस मामले में चार नाबालिगों सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग आरोपियों का मामला फिलहाल किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।

वहीं चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, वैज्ञानिक जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाई उम्रकैद

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सभी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य पेश किए। अदालत ने इन साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए चारों आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इस फैसले के साथ करीब तीन साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में मुख्य आरोपियों को सजा मिल गई, जबकि नाबालिग आरोपियों के मामले में सुनवाई अलग से जारी है।