अनुबंध कर्मियों को बड़ी राहत, नियमितीकरण का रास्ता साफ
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 30 सितंबर 2024 और 2025 तक दो साल सेवा पूरी करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया है।
■ अनुबंध कर्मियों को नियमितीकरण की बड़ी राहत
■ 30 सितंबर 2024 और 2025 तक 2 साल सेवा पूरी करने वाले पात्र
■ सरकार ने जारी किए निर्देश, शर्तें पहले जैसी रहेंगी
हिमाचल प्रदेश में अनुबंध कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार ने उन कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया है, जिन्होंने 30 सितंबर 2024 और 30 सितंबर 2025 तक दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को स्थायी नौकरी का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जो अनुबंध कर्मचारी निर्धारित तिथियों तक अपनी दो साल की सेवा पूरी कर चुके हैं, वे संबंधित नीतियों के तहत नियमितीकरण के पात्र माने जाएंगे। ऐसे कर्मचारियों को क्रमशः 30 सितंबर 2024 और 30 सितंबर 2025 के बाद नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा।
कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण के लिए पहले से लागू सभी नियम और शर्तें यथावत रहेंगी। इनमें किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।
इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों और उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि पात्र कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस फैसले को कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमितीकरण ही रही है। सरकार के इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित होगी, बल्कि उनके वेतन और अन्य सेवा लाभों में भी सुधार आने की संभावना है।
इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर भी कुछ फेरबदल किए गए हैं। सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर राज्यपाल के सचिव चंद्र प्रकाश वर्मा को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि एडीसी संदीप कुमार भारद्वाज को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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