जापान ने भारतीय आमों के आयात पर लगाया प्रतिबंध , जानें चौंकाने वाली व‍जह

जापान ने कीट नियंत्रण प्रक्रिया में खामियां मिलने के बाद भारत से आमों के आयात पर रोक लगा दी है। इससे अल्फांसो, केसर और लंगड़ा जैसी प्रीमियम किस्मों के निर्यात पर असर पड़ा है।

जापान ने भारतीय आमों के आयात पर लगाया प्रतिबंध , जानें चौंकाने वाली व‍जह
  • जापान ने भारतीय आमों के आयात पर लगाई रोक
  • कीट नियंत्रण और धूम्रीकरण प्रक्रिया में मिली तकनीकी खामियां
  • अल्फांसो, केसर, लंगड़ा समेत प्रीमियम आमों के निर्यात को झटका

भारत से जापान को होने वाले आम निर्यात को बड़ा झटका लगा है। जापान ने भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। जापानी अधिकारियों ने भारत की कीट नियंत्रण और धूम्रीकरण (फ्यूमिगेशन) प्रक्रिया में कुछ खामियां मिलने का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।

इस निर्णय का असर भारत की कई लोकप्रिय और प्रीमियम आम किस्मों पर पड़ा है। इनमें अल्फांसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसे आम शामिल हैं, जिनकी जापान में अच्छी मांग रहती है। गर्मियों के सीजन में यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा आर्थिक झटका माना जा रहा है।

जापान कृषि और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर दुनिया के सबसे सख्त देशों में गिना जाता है। जापानी अधिकारियों का कहना है कि फल मक्खी जैसे कीटों के मामले में उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। इसी कारण आयात किए जाने वाले फलों की जांच बेहद कड़े मानकों के तहत की जाती है।

जानकारी के अनुसार, इस वर्ष मार्च महीने में उत्तर प्रदेश के रहमानपुर स्थित वीएचटी (VHT) केंद्र का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट में धूम्रीकरण और कीटाणुशोधन प्रक्रिया से जुड़ी कुछ तकनीकी कमियां सामने आईं। हालांकि दोनों देशों की सरकारों ने अभी तक इन कमियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

यह पहला मौका नहीं है जब जापान ने भारतीय आमों पर सख्ती दिखाई हो। इससे पहले भी फल मक्खी के खतरे को देखते हुए जापान ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। बाद में आवश्यक सुधारों के बाद वर्ष 2006 में यह प्रतिबंध हटा लिया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत जल्द तकनीकी खामियों को दूर कर जापानी मानकों का पालन सुनिश्चित करता है, तो भविष्य में यह प्रतिबंध हटाया जा सकता है। फिलहाल इस फैसले से आम निर्यातकों और बागवानों में चिंता का माहौल है।