WFI को झटका, एशियन गेम्स चयन ट्रायल में उतरेंगी विनेश फोगाट

सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी है। WFI की ट्रायल रोकने की याचिका अदालत ने खारिज कर दी।

WFI को झटका, एशियन गेम्स चयन ट्रायल में उतरेंगी विनेश फोगाट
  • सुप्रीम कोर्ट से विनेश फोगाट को बड़ी राहत मिली
  • एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने पर रोक लगाने की WFI की मांग खारिज
  • 30-31 मई को होने वाले ट्रायल में अब हिस्सा ले सकेंगी विनेश

ओलिंपियन पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें विनेश फोगाट को एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने से रोकने की मांग की गई थी।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक आराधे की बेंच ने WFI की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही विनेश फोगाट के लिए 30 और 31 मई को दिल्ली में होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया है।

विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर वीडियो जारी कर कई गंभीर आरोप लगाए थे। (फाइल)

इन ट्रायल्स के प्रदर्शन के आधार पर सितंबर में जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का चयन किया जाएगा। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को अपने आदेश में विनेश को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इसी फैसले को WFI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया था कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। इसके लिए ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और पूरी प्रक्रिया भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तथा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में संपन्न कराई जाए।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी विनेश फोगाट को राहत देते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। विनेश ने अपनी याचिका में WFI की चयन नीति और उनके खिलाफ जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती दी थी।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देते हुए विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ का कहना था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए छह महीने पहले सूचना देना अनिवार्य है, जिसका पालन नहीं किया गया।

WFI ने यह भी आरोप लगाया था कि विनेश के कदम से संघ के नियमों और अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। वहीं विनेश फोगाट लगातार इस कार्रवाई का विरोध करती रही हैं और इसे अनुचित बता रही हैं।

गौरतलब है कि पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि फाइनल मुकाबले से पहले वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम अधिक पाए जाने पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था।

बाद में दिसंबर 2025 में विनेश ने संन्यास वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा था कि उनका लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में भारत के लिए पदक जीतना है।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले को विनेश फोगाट के खेल करियर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 30 और 31 मई को होने वाले ट्रायल्स पर टिकी हैं।