करनाल में मुठभेड़ में घायल बदमाश अस्पताल से फरार

करनाल में पुलिस मुठभेड़ में घायल मोस्ट वांटेड बदमाश सरकारी अस्पताल से फरार हो गया। आरोपी की सुरक्षा में 4 जवान तैनात थे। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।

करनाल में मुठभेड़ में घायल बदमाश अस्पताल से फरार

करनाल अस्पताल से घायल बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार

4 जवानों की सुरक्षा के बावजूद आरोपी हुआ गायब

हरियाणा समेत 5 राज्यों की पुलिस को थी आरोपी की तलाश


हरियाणा के करनाल में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ एक शातिर बदमाश सरकारी अस्पताल से फरार हो गया। आरोपी अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती था और उसकी निगरानी के लिए चार पुलिस जवान तैनात किए गए थे।

फरार आरोपी की पहचान गुरजीत सिंह उर्फ गुरमीत निवासी खरड़, पंजाब के रूप में हुई है। आरोपी पर तरावड़ी स्थित पेट्रोल पंप पर फायरिंग और लूट के प्रयास समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह हरियाणा सहित देश के पांच राज्यों की पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार 25 मई को सीआईए-1 टीम ने मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में आरोपी के कूल्हे और पैर के पास गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और बिना नंबर की बाइक भी बरामद की थी। इलाज पूरा होने के बाद आरोपी को औपचारिक गिरफ्तारी दिखाकर कोर्ट में पेश किया जाना था, जहां पुलिस उससे रिमांड पर पूछताछ करने की तैयारी कर रही थी।

बताया जा रहा है कि बीती रात करीब 12 बजे आरोपी अस्पताल से फरार हो गया। जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिली, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। अब आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

इस घटना के बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। चार जवानों की मौजूदगी के बावजूद आरोपी कैसे फरार हुआ, इसे लेकर विभागीय जांच की भी संभावना जताई जा रही है।

अब जानिए पूरा मामला क्या था...

2 मई की सुबह करीब 4:25 बजे एक युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार होकर तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। उसने 100 रुपए का पेट्रोल डलवाया और बाद में सेल्समैन पर पिस्तौल तानकर कैश लूटने की कोशिश की।

सेल्समैन सुरेश कुमार ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी की पिस्तौल पर हाथ मार दिया और शोर मचा दिया। इस दौरान दूसरा कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गया। दोनों कर्मचारियों ने आरोपी का विरोध किया, जिससे धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

इसी दौरान आरोपी ने फायरिंग कर दी, लेकिन गोली हवा में निकल गई और बड़ा हादसा टल गया। पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

करीब 23 दिन बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया था, लेकिन गिरफ्तारी के महज चार दिन बाद ही वह पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया।

फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले में आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी देने से बच रही है।