हरियाणा में वन अपराधियों पर सख्ती, जुर्माना कई गुना बढ़ा

हरियाणा वन विभाग ने अवैध कटान, खनन और चराई रोकने के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं। अब वन अपराधों पर कई गुना ज्यादा जुर्माना लगाया जाएगा।

हरियाणा में वन अपराधियों पर सख्ती, जुर्माना कई गुना बढ़ा

हरियाणा में वन अपराधों पर अब लगेगा कई गुना ज्यादा जुर्माना

अवैध कटान, खनन और चराई पर वन विभाग ने दिखाई सख्ती

रात में जंगलों में पकड़े जाने पर देना होगा दोगुना जुर्माना


हरियाणा वन विभाग ने जंगलों और वन भूमि पर बढ़ती अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब राज्य में अवैध कटान, खनन, चराई और वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर पहले की तुलना में कई गुना अधिक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। विभाग की ओर से संशोधित जुर्माना दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानी PCCF कार्यालय पंचकूला की ओर से सभी डीएफओ को नए निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारतीय वन अधिनियम की धारा-68 और हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के नियमों के तहत इन संशोधनों को लागू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जंगलों में अवैध गतिविधियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी, जिसके बाद सख्ती जरूरी हो गई थी।

नए नियमों के तहत जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई, वन उत्पाद चोरी, पशु चराने और अवैध खनन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। विभाग का मानना है कि बढ़ी हुई दंड राशि से वन अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

नई दरों के अनुसार अब जंगलों में अवैध रूप से भैंस या ऊंट चराते पकड़े जाने पर तीन हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। पहले यह राशि मात्र 500 रुपये थी। वहीं जंगल से लकड़ी या घास काटने पर ट्रक लोड के हिसाब से अब 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि पहले यह राशि करीब दो हजार रुपये थी।

वन विभाग ने अवैध खनन के मामलों में भी सख्त रुख अपनाया है। अब ट्रक के जरिए अवैध खनन करते पकड़े जाने पर 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा JCB जब्त होने पर 1.50 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड देना होगा। ट्रैक्टर जब्ती पर 60 हजार, मोटरसाइकिल पर 30 हजार और डंपर जब्त होने पर 1.25 लाख रुपये तक जुर्माना तय किया गया है।

विभाग ने रात के समय होने वाली अवैध गतिविधियों को गंभीर मानते हुए विशेष सख्ती दिखाई है। नए आदेशों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति रात में जंगलों में वन अपराध करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर सामान्य जुर्माने से दोगुना दंड लगाया जाएगा।

नगर सीमा और हाईवे किनारे स्थित वन भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों पर भी अब भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। विभाग ने प्रति वर्गमीटर दो हजार रुपये तक की वसूली तय की है, जबकि पहले यह राशि 500 रुपये प्रति वर्गमीटर थी।

नए नियमों में बांस की अवैध कटाई पर प्रति पीस 200 रुपये जुर्माना निर्धारित किया गया है। वहीं जंगल क्षेत्र में कोयला बनाने की भट्ठी चलाने पर 50 हजार रुपये तक का दंड लगाया जाएगा। इसके अलावा गोंद निकालने पर प्रति पेड़ 500 रुपये और कुल्हाड़ी, आरी जैसे उपकरण जब्त होने पर 200 से 10 हजार रुपये तक जुर्माना तय किया गया है।

वन विभाग का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य जंगलों और वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग ने सभी अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।