हरियाणा में मानसून फिर एक्टिव,कई जिलों में बारिश का अलर्ट
हरियाणा में मानसून फिर सक्रिय, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट। 20 अगस्त तक बारिश और तापमान में गिरावट के आसार।
➤ पंचकूला और यमुनानगर में सुबह बूंदाबांदी, उत्तरी हरियाणा में बारिश बढ़ने के आसार
➤ 17 से 20 अगस्त तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, पंचकूला-अंबाला-यमुनानगर में भारी बारिश की चेतावनी
➤ 36 डिग्री सेल्सियस के साथ हिसार रहा प्रदेश में सबसे गर्म, बारिश से दिन के तापमान में गिरावट संभव
चंडीगढ़। हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत दे रहा है। उत्तरी हरियाणा के जिलों में 17 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सोमवार सुबह पंचकूला और यमुनानगर में बूंदाबांदी हुई। हालांकि बाद में मौसम साफ हो गया, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में इन जिलों सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 17 अगस्त की रात से 20 अगस्त तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान उत्तरी हरियाणा के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने 17 अगस्त को पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 18 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार यमुनानगर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, जींद, भिवानी और चरखी दादरी में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
वहीं फतेहाबाद, सिरसा और हिसार में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे इन जिलों में उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तरी हरियाणा में बन सकता है साइक्लोनिक सर्कुलेशन
एचएयू के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ की उत्तरी सीमा अमृतसर, लुधियाना, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी और उत्तर ओडिशा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम के प्रभाव से हरियाणा में मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ सकती है। इससे राज्य में बारिश के लिए परिस्थितियां और अनुकूल होने की संभावना है। 21 अगस्त से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
दिन के तापमान में गिरावट के आसार
बारिश और बादल छाए रहने के कारण आने वाले दिनों में दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे दिन के समय गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन कई क्षेत्रों में उमस बनी रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव से बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया है।
36 डिग्री के साथ हिसार सबसे गर्म
इस बीच हरियाणा में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया। प्रदेश में हिसार सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पिछले दिन की तुलना में प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
हालांकि अब मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ तापमान में गिरावट के आसार हैं। उत्तरी जिलों में बारिश का असर बढ़ने के साथ मौसम का मिजाज भी बदल सकता है। ऐसे में अगले कुछ दिन हरियाणा में गर्मी, उमस और बारिश के बीच मौसम के उतार-चढ़ाव वाले रहने की संभावना है।
pooja