हरियाणा में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, भिवानी में पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा कांग्रेस ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। भिवानी में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई, जबकि हिसार में गुटबाजी भी सामने आई।

हरियाणा में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, भिवानी में पुलिस से धक्का-मुक्की
  • हरियाणा कांग्रेस ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदेशभर में किया प्रदर्शन
  • भिवानी में बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की
  • हिसार में प्रदर्शन के बीच कांग्रेस की गुटबाजी फिर आई सामने, अलग-अलग जिलाध्यक्ष पहुंचे ज्ञापन देने

हरियाणा में बुधवार को कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। पंचकूला, भिवानी, करनाल, यमुनानगर, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा समेत कई जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

भिवानी में कांग्रेस कार्यकर्ता डीसी कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर "बीजेपी सरकार मुर्दाबाद" के नारे लगाए और अंदर जाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

हिसार में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग और ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल अलग-अलग समय पर ज्ञापन देने पहुंचे। इससे दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई।

पंचकूला के लघु सचिवालय में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

करनाल में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय तक मार्च निकाला। पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और राहुल गांधी के साथ हुए व्यवहार के विरोध में कांग्रेस सड़कों पर उतरी है। उन्होंने सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

यमुनानगर में अनाज मंडी के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। जिला नेताओं ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए संबंधित मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई। साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की गई।

फतेहाबाद में विभिन्न छात्र और सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

सिरसा में जननायक जनता पार्टी (JJP) ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। जजपा नेताओं और समर्थकों ने लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी करते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और डीसी को ज्ञापन सौंपने की मांग की।

प्रदर्शनों को देखते हुए प्रदेश के सभी संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। डीसी कार्यालयों और लघु सचिवालयों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।