प्लास्टिक दानों के नीचे छिपा था 673 किलो गांजा, गुरुग्राम में पुलिस ने पकड़ा ट्रक
गुरुग्राम में पुलिस ने राजीव चौक के पास ट्रक से 673 किलो गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। खेप ओडिशा से भिवाड़ी ले जाई जा रही थी।
➤ राजीव चौक के पास टाटा ट्रक से 673 किलो गांजा बरामद
➤ ओडिशा से भिवाड़ी ले जाई जा रही थी करीब 1.25 करोड़ की खेप
➤ ड्राइवर और हेल्पर गिरफ्तार, पहले भी दो बार तस्करी की बात सामने आई
हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 की टीम ने राजीव चौक के पास घेराबंदी कर राजस्थान नंबर के एक टाटा ट्रक को पकड़ा। ट्रक की तलाशी के दौरान प्लास्टिक के दानों से भरे बैग और पॉट के नीचे छिपाकर रखे गए 23 कट्टों से 673 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये है। पूछताछ में सामने आया है कि गांजे की यह खेप ओडिशा से लाई जा रही थी और इसे राजस्थान के भिवाड़ी में सप्लाई किया जाना था।
राजीव चौक के पास पुलिस ने रोका ट्रक
पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर अरुण और उनकी टीम को सूचना मिली थी कि राजस्थान नंबर के एक टाटा ट्रक में बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने राजीव चौक के पास नाकाबंदी की और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया।
पहली नजर में ट्रक में प्लास्टिक के दाने लदे दिखाई दे रहे थे। पुलिस के अनुसार, ट्रक में प्लास्टिक के दानों से भरे 767 बैग और 15 पॉट रखे गए थे। इनकी आड़ में नशीले पदार्थ को छिपाकर ले जाने की कोशिश की गई थी।
प्लास्टिक दानों के नीचे मिला गांजा
पुलिस ने जब ट्रक की गहन तलाशी शुरू की तो प्लास्टिक दानों से भरे बैग हटाने के बाद नीचे छिपाए गए 23 बड़े कट्टे मिले। इन कट्टों को खोलकर जांच की गई तो इनमें गांजा बरामद हुआ। वजन कराने पर कुल मात्रा 673 किलोग्राम निकली।
पुलिस के अनुसार, तस्करों ने माल को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में ट्रक में केवल प्लास्टिक के दाने ही दिखाई दें। हालांकि, सूचना के आधार पर की गई सघन तलाशी में पूरी खेप बरामद हो गई।
ट्रक मालिक खुद बना ड्राइवर, हेल्पर भी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में साबिर और सनावर को गिरफ्तार किया है। साबिर की उम्र 34 वर्ष बताई गई है और वह राजस्थान के खैरथल जिले के उदयपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, साबिर ही ट्रक का मालिक भी है।
दूसरा आरोपी सनावर 19 वर्ष का है और किशनगढ़ का रहने वाला बताया गया है। वह ट्रक में हेल्पर के रूप में काम करता था। पुलिस के अनुसार, साबिर ने उसे 20 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर रखा हुआ था।
गांजे की डील के लिए फ्लाइट से ओडिशा गया था साबिर
पुलिस पूछताछ में साबिर ने कथित तौर पर बताया कि गांजे की डील तय करने और माल लोड करवाने के लिए वह फ्लाइट से ओडिशा गया था। वहां सौदा तय होने के बाद वह वापस आया और अपने ट्रक के जरिए खेप को राजस्थान पहुंचाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, ओडिशा से भिवाड़ी तक गांजे की खेप पहुंचाने के लिए साबिर को 2 लाख रुपये दिए जाने थे। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी सप्लाई चेन के पीछे कौन लोग हैं और गांजा कहां से खरीदा गया था।
पहले भी दो बार तस्करी की बात सामने आई
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे इससे पहले भी दो बार इसी तरह प्लास्टिक के दानों के बीच गांजा छिपाकर सप्लाई कर चुके हैं। इस बार यह उनका तीसरा प्रयास था।
तीसरी बार खेप लेकर जाते समय गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें राजीव चौक के पास पकड़ लिया। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
23 कट्टों में 673 किलो गांजा, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस की कार्रवाई में बरामद 673 किलोग्राम गांजा फिलहाल इस मामले की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। अधिकारियों की पूछताछ का फोकस अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ओडिशा में खेप किससे ली गई, भिवाड़ी में किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि तस्कर सामान्य माल की आड़ लेकर नशीले पदार्थों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
Akhil Mahajan