रसगुल्लों पर बैठी थीं मक्खियां, खट्टा मिला छेना; रेड पड़ी तो JCB से गड्ढा खुदवाकर दबाई 75 किलो मिठाई

सोनीपत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने रसगुल्ला यूनिट पर रेड कर 50 किलो रसगुल्ले और 25 किलो खराब छेना नष्ट कराया। सैंपल लेकर जांच शुरू की गई।

रसगुल्लों पर बैठी थीं मक्खियां, खट्टा मिला छेना; रेड पड़ी तो JCB से गड्ढा खुदवाकर दबाई 75 किलो मिठाई

➤ रसगुल्लों पर मक्खियां मिलीं, सफाई और हाइजीन व्यवस्था पर उठे सवाल
➤ 50 किलो रसगुल्ला और 25 किलो खराब छेना जेसीबी से गड्ढा खोदकर नष्ट कराया
➤ सैंपल लिए गए, रिपोर्ट के बाद यूनिट के सर्टिफिकेट पर कार्रवाई की तैयारी


त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच सोनीपत में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने मिठाई बनाने वाली यूनिटों की साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवडू रोड स्थित जीवन विहार की गली नंबर-9 में रसगुल्ला बनाने वाली एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच के दौरान अधिकारियों को मिठाई तैयार करने वाली जगह पर स्वच्छता की कमी मिली और तैयार रसगुल्लों पर मक्खियां बैठी दिखाई दीं। टीम ने मौके से 50 किलो रसगुल्ला और 25 किलो खराब छेना नष्ट कराया। इसके लिए जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर मिठाई और छेने को उसमें दबाया गया। साथ ही यूनिट से सैंपल लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

गुप्त सूचना पर पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम

खाद्य सुरक्षा विभाग के डेजिग्नेटेड ऑफिसर डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि देवडू रोड स्थित जीवन विहार की गली नंबर-9 में एक मकान के भीतर रसगुल्ले बनाने का काम किया जा रहा है। इसके बाद त्योहारी सीजन के दौरान चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

जांच के दौरान टीम को रसगुल्लों से भरे ड्रम मिले। अधिकारियों के मुताबिक, यूनिट में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं थी। तैयार रसगुल्लों पर मक्खियां बैठी हुई थीं और खाद्य पदार्थ तैयार करने के दौरान स्वच्छता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा था। मौके पर काम कर रहे मजदूरों के कपड़ों को लेकर भी टीम ने आपत्ति दर्ज की।

छेने में मिला खट्टापन, 25 किलो छेना किया नष्ट

निरीक्षण के दौरान यूनिट में रखा छेना भी जांच के दायरे में आया। विभाग के अनुसार, छेने में खट्टापन पाया गया और वह खराब स्थिति में था। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की स्थिति और निर्माण स्थल की स्वच्छता को देखते हुए मौके पर कार्रवाई की।

टीम ने 25 किलो खराब छेना और 50 किलो रसगुल्ला नष्ट कराया। विभाग का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

जेसीबी से गड्ढा खोदकर नष्ट की गई मिठाई

मिठाई को सिर्फ यूनिट से हटाने के बजाय मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके लिए जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाया गया और उसमें रसगुल्लों तथा खराब छेने को दबाकर नष्ट किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि नष्ट की गई खाद्य सामग्री दोबारा किसी तरह बाजार में सप्लाई न हो।

सैंपल लिए गए, रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने यूनिट से सैंपल भी लिए हैं। अब इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, रिपोर्ट और लागू नियमों के आधार पर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सर्टिफिकेट को रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

अधिकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले भी अदालत में जुर्माना लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद यदि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो विभाग आगे भी नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

सिर्फ यूनिट नहीं, सप्लाई नेटवर्क भी जांच के घेरे में

खाद्य सुरक्षा विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस यूनिट से तैयार होने वाले रसगुल्लों की सप्लाई किन-किन स्थानों पर होती थी। टीम संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है और जिन जगहों तक मिठाई पहुंचने की आशंका है, वहां से उसे हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ एक यूनिट तक सीमित नहीं है। विभाग के अनुसार, त्योहारी सीजन को देखते हुए सोनीपत के साथ-साथ चार अन्य जिलों में भी खाद्य सुरक्षा टीमों की कार्रवाई चल रही है। दूध और दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।

त्योहारी सीजन में बढ़ी मिठाइयों की मांग, विभाग की नजर कड़ी

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई, दूध और दूध से बने उत्पादों पर निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थ तैयार करने और बेचने वालों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।

सोनीपत की इस कार्रवाई में जिस तरह तैयार मिठाई को मौके पर ही नष्ट कराया गया, उससे साफ है कि विभाग त्योहारी सीजन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सख्ती बरत रहा है। अब इस यूनिट से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की तस्वीर और स्पष्ट होगी।