क्या आपका मोबाइल फोन असली है? IMEI से ऐसे करें पहचान

मोबाइल खरीदते समय नकली और असली फोन की पहचान कैसे करें, IMEI चेक से लेकर बिल और वारंटी तक किन सावधानियों पर ध्यान देना जरूरी है, जानिए पूरी जानकारी।

क्या आपका मोबाइल फोन असली है? IMEI से ऐसे करें पहचान

➤ बाजार में नकली और फर्स्ट कॉपी मोबाइल व गैजेट्स की भरमार
➤ असली-नकली पहचान के लिए IMEI नंबर और बिल/वारंटी चेक करें
➤ नकली फोन से डेटा चोरी और सुरक्षा पर बड़ा खतरा

आज का बाजार नकली और फर्स्ट कॉपी प्रोडक्ट्स से भरा हुआ है। चाहे ब्रांडेड जूते हों, कपड़े, घड़ियां, ईयरबड्स या स्मार्टफोन, लगभग हर प्रोडक्ट की नकली कॉपी आसानी से मिल जाती है। इनमें सबसे ज्यादा चिंता का विषय नकली मोबाइल फोन हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, लेकिन क्वालिटी और सुरक्षा के मामले में बेहद कमजोर साबित होते हैं।

मोबाइल खरीदते समय सबसे जरूरी है कि भरोसेमंद और अधिकृत स्टोर से ही फोन लिया जाए। बहुत सस्ती डील पर तुरंत भरोसा करना जोखिम भरा होता है, क्योंकि अक्सर ऐसी डील्स में नकली या रिफर्बिश्ड फोन बेचे जाते हैं। खरीदते समय पैकिंग, सील और असली बिल/वारंटी कार्ड जरूर चेक करें।

फोन ऑन करके *#06# डायल करने पर मिलने वाला IMEI नंबर असली-नकली की सबसे अहम पहचान है। इस नंबर को सरकारी पोर्टल या ब्रांड की वेबसाइट पर वेरिफाई किया जा सकता है। नकली फोन की डिस्प्ले क्वालिटी, कैमरा और बैटरी परफॉर्मेंस जल्दी खराब हो जाती है, जबकि असली फोन लंबे समय तक टिकता है।

नकली मोबाइल का सबसे बड़ा खतरा डेटा और प्राइवेसी पर होता है। इनमें सिक्योरिटी अपडेट्स नहीं मिलते और कई बार मालवेयर/स्पाइवेयर भी प्री-इंस्टॉल रहते हैं, जो बैंकिंग डिटेल्स और पासवर्ड जैसी निजी जानकारी चोरी कर सकते हैं।

रिफर्बिश्ड और नकली फोन को लेकर भी ग्राहकों में भ्रम होता है। रिफर्बिश्ड फोन असली ब्रांडेड कंपनी द्वारा रिपेयर और क्वालिटी चेक के बाद दोबारा बेचे जाते हैं और उन पर कंपनी की वारंटी भी मिलती है। जबकि नकली फोन पूरी तरह फेक होते हैं और इनमें कोई असली सपोर्ट या वॉरंटी नहीं होती।

इसलिए, असली और नकली फोन की पहचान के लिए सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि IMEI नंबर, बिल, वारंटी और कंपनी की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।