चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलना पड़ सकता है भारी

चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलना खतरनाक और गैरकानूनी हो सकता है। सनरूफ का सही इस्तेमाल वेंटिलेशन और रोशनी के लिए करना चाहिए। जानिए जरूरी सेफ्टी टिप्स।

चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलना पड़ सकता है भारी

■ चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलना जानलेवा हो सकता है
■ सनरूफ का सही इस्तेमाल वेंटिलेशन और रोशनी के लिए
■ स्टंट या रील बनाना गैरकानूनी और खतरनाक


आजकल मॉडर्न कारों में सनरूफ एक पॉपुलर और प्रीमियम फीचर बन गया है। लोग इसे स्टाइल, रील बनाने और सनरूफ से बाहर निकलकर खड़े होने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन यही शौक कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलना न सिर्फ खतरनाक है बल्कि ट्रैफिक नियमों के अनुसार गैरकानूनी भी है। अचानक ब्रेक लगने, स्पीड ब्रेकर या गड्ढा आने पर व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो सकता है। कई मामलों में ऐसे हादसे जानलेवा भी साबित हुए हैं। इसलिए सनरूफ का इस्तेमाल हमेशा सही तरीके से ही करना चाहिए।

दरअसल सनरूफ का असली मकसद कार के केबिन में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी लाना होता है। अगर सनरूफ को हल्का सा टिल्ट करके खोला जाए तो बिना ज्यादा शोर के कार के अंदर वेंटिलेशन बना रहता है। इससे बार-बार एसी चलाने की जरूरत भी कम होती है। सुहावने मौसम में यह फीचर बहुत उपयोगी साबित होता है और कार के अंदर घुटन भी महसूस नहीं होती।

सनरूफ कार के अंदर स्पेस का अहसास भी बढ़ाता है। जब प्राकृतिक रोशनी केबिन में आती है तो कार अंदर से बड़ी और खुली महसूस होती है। लंबी ड्राइव के दौरान खासकर रात में सनरूफ से आसमान और तारों का नजारा ड्राइव को और यादगार बना सकता है। हालांकि इसका इस्तेमाल करते समय ड्राइविंग की स्थिति का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। शहर में कम स्पीड पर इसे खोला जा सकता है, लेकिन हाईवे पर तेज रफ्तार के दौरान इसे बंद रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि कभी भी चलती कार में सनरूफ से बाहर खड़े होने या बच्चों को बाहर निकालने की गलती नहीं करनी चाहिए। यह बेहद खतरनाक है और किसी भी हादसे का कारण बन सकता है। सनरूफ सुविधा के लिए है, स्टंट करने के लिए नहीं।