एशियन गेम्स ट्रायल के सेमीफाइनल में हारीं विनेश फोगाट, जींद की मीनाक्षी ने 6-4 से दी मात

एशियन गेम्स ट्रायल के सेमीफाइनल में ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट को जींद की मीनाक्षी गोयत ने 6-4 से हराया। दूसरे मुकाबले में रेफरी के फैसले को लेकर विवाद भी हुआ।

एशियन गेम्स ट्रायल के सेमीफाइनल में हारीं विनेश फोगाट, जींद की मीनाक्षी ने 6-4 से दी मात

एशियन गेम्स ट्रायल के सेमीफाइनल में विनेश फोगाट की हार

जींद की मीनाक्षी गोयत ने 6-4 से जीतकर फाइनल में बनाई जगह

दूसरे मुकाबले में रेफरी के फैसले पर हुआ हंगामा, पति की कहासुनी


पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद पहली बार मैट पर उतरीं ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 चयन ट्रायल में सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। 53 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में जींद की मीनाक्षी गोयत ने उन्हें 6-4 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।

मीनाक्षी गोयत हाल ही में आयोजित सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए विनेश को मात देकर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली।

सेमीफाइनल तक पहुंचने से पहले विनेश ने लगातार दो मुकाबले जीते। पहले मुकाबले में उन्होंने हिसार की ज्योति सिहाग को 7-1 से हराया। ज्योति जूनियर वर्ल्ड कप की गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। इसके बाद दूसरे मुकाबले में विनेश ने जींद की नीशू को रोमांचक मुकाबले में 7-6 से पराजित किया।

हालांकि नीशू के खिलाफ मुकाबला विवादों में भी घिर गया। मैच के दौरान शुरुआत में नीशू ने शानदार पटखनी लगाकर पांच अंक हासिल किए। इसके बाद विनेश ने वापसी करते हुए चार अंक बटोरे। इसी दौरान रेफरी के फैसले को लेकर विनेश फोगाट और उनके पति सोमबीर राठी की रेफरी से तीखी बहस हो गई।

विवाद के चलते मुकाबला कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। मैच दोबारा शुरू होने के बाद विनेश ने वापसी करते हुए बढ़त बनाई, लेकिन अंतिम मिनट में मुकाबला 6-6 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद अंक को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह को भी मैट पर पहुंचना पड़ा।

नीशू की ओर से आखिरी अंक को लेकर चुनौती दी गई, लेकिन मैट चेयरमैन और जजों ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद रेफरी ने विनेश को 7-6 से विजेता घोषित कर दिया। फैसले से नाराज नीशू ने मुकाबले के बाद विनेश से हाथ तक नहीं मिलाया।

53 किलो वर्ग में खेलने को लेकर भी हुआ था विवाद

ट्रायल से पहले विनेश फोगाट को केवल 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने की अनुमति दी गई थी। इस फैसले पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। बाद में WFI अध्यक्ष संजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में भी ट्रायल खेलने की मंजूरी दी गई।

ट्रायल से पहले विनेश ने आरोप लगाया था कि वजन मापने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा था कि अब उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

एशियन गेम्स ट्रायल में शामिल होने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मामला अदालत तक पहुंच गया। पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी। इसके बाद WFI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद विनेश को ट्रायल में भाग लेने का रास्ता साफ हुआ।

हालांकि ट्रायल में दमदार शुरुआत के बावजूद वह सेमीफाइनल की बाधा पार नहीं कर सकीं और एशियन गेम्स चयन की दौड़ में बड़ा झटका लगा।