गेट पर बहस, फिर मैट पर उतरीं विनेश फोगाट
एशियन गेम्स 2026 चयन ट्रायल के लिए विनेश फोगाट दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने वजन परीक्षण पास कर ट्रायल में हिस्सा लिया।
एशियन गेम्स ट्रायल के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचीं विनेश फोगाट
स्टेडियम गेट पर सुरक्षा कर्मियों से हुई बहस, बाद में मिली एंट्री
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद ट्रायल में हिस्सा ले रहीं हैं विनेश
हरियाणा की ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित चयन ट्रायल में हिस्सा लेने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम पहुंच गईं। पिछले एक सप्ताह से चल रहे कानूनी और प्रशासनिक विवाद के बीच उनके ट्रायल को लेकर पूरे खेल जगत की नजरें टिकी हुई हैं।
स्टेडियम पहुंचने के दौरान विनेश फोगाट और उनके पति सोमवीर राठी की गेट नंबर-18 पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ बहस भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वे ट्रायल क्षेत्र में पहुंचीं और अपने कोच व सपोर्ट स्टाफ के साथ तैयारी में जुट गईं।
स्टेडियम से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में विनेश फोगाट मैट पर उतरने से पहले वार्म-अप करती और रणनीति बनाती नजर आईं। ट्रायल शुरू होने से पहले उन्होंने अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया और अपनी फिटनेस का आकलन किया।
मीडिया से बातचीत में विनेश फोगाट ने बताया कि उनका वजन निर्धारित समय से करीब एक घंटे बाद हुआ। हालांकि उन्होंने 53 किलोग्राम वर्ग के लिए आवश्यक वजन परीक्षण सफलतापूर्वक पास कर लिया है, जिससे उनके ट्रायल में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया।
दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। इससे पहले रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने ट्रायल पर रोक लगाने के लिए सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने महासंघ की याचिका खारिज कर दी।
विवाद की शुरुआत मई 2026 में गोंडा में आयोजित ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता से हुई थी। विनेश फोगाट इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची थीं, लेकिन भारतीय कुश्ती संघ ने उनसे कई बिंदुओं पर जवाब मांगते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रोक लगा दी थी।
इससे पहले विनेश फोगाट ने अगस्त 2024 के पेरिस ओलिंपिक के बाद कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा की थी। हालांकि दिसंबर 2025 में उन्होंने अपने संन्यास को वापस लेते हुए दोबारा प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी का फैसला किया।
डब्ल्यूएफआई ने दावा किया था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है। महासंघ ने इसी आधार पर विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए विनेश फोगाट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 22 मई को हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मातृत्व अवकाश के कारण किसी महिला खिलाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। साथ ही ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और SAI तथा IOA की निगरानी में चयन प्रक्रिया कराने के निर्देश भी दिए थे।
अब सभी की नजरें ट्रायल के नतीजों पर टिकी हैं। यदि विनेश फोगाट चयन प्रक्रिया में सफल रहती हैं तो वह एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करती नजर आ सकती हैं।
pooja