महाबीर हत्याकांड में बड़ा फैसला, आरोपी अशोक को उम्रकैद
भिवानी के महाबीर हत्याकांड में अदालत ने आरोपी अशोक को उम्रकैद और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मारपीट के बाद इलाज के दौरान महाबीर की मौत हुई थी।
महाबीर हत्याकांड में आरोपी अशोक को उम्रकैद की सजा
आपसी कहासुनी के बाद हुई मारपीट, इलाज के दौरान हुई थी मौत
कोर्ट ने दोषी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
भिवानी जिले के गांव चंदावास निवासी महाबीर हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामले में शिकायतकर्ता मनेश ने थाना जुई कलां पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 13 अगस्त 2024 की रात करीब 11 बजे गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके पिता महाबीर गांव के वाटर वर्क्स के पास घायल अवस्था में पड़े हैं और उन्हें गंभीर चोटें लगी हैं।
सूचना मिलने के बाद मनेश अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा। वहां महाबीर के आंख और मुंह पर गंभीर चोटों के निशान मिले। घायल अवस्था में महाबीर ने बताया कि किसी बात को लेकर उसकी अशोक के साथ कहासुनी हो गई थी। विवाद बढ़ने पर अशोक ने उसके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गया।
इसके बाद परिजन महाबीर को इलाज के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। इलाज के दौरान 20 अगस्त 2024 को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद थाना जुई कलां पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। ट्रायल के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
अदालत ने पश्चिम बंगाल के जिला बरायेपुर के पश्चिम पांच गजिया निवासी अशोक पुत्र माधव को धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस मामले में भिवानी एसपी सुमित कुमार ने कहा कि हत्या जैसे संगीन मामलों में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अदालत में मजबूत पैरवी कर पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय दिलाया जाए।
pooja