बॉबी हत्याकांड पर बवाल, परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार,, परिवार बोला- पहले गिरफ्तारी फिर अंतिम संस्कार

करनाल के बॉबी हत्याकांड में परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। पीजीआई पोस्टमार्टम में तीन चोटें मिलने के बाद निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है।

बॉबी हत्याकांड पर बवाल, परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार,, परिवार बोला- पहले गिरफ्तारी फिर अंतिम संस्कार

बॉबी हत्याकांड में परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया इनकार

पीजीआई पोस्टमार्टम में तीन चोटें मिलने से बढ़ा परिवार का शक

एफआईआर में बीजेपी मंडल अध्यक्ष का नाम, निष्पक्ष जांच की मांग

हरियाणा के करनाल जिले के नन्हेड़ा गांव में खेतों से मिले युवक बॉबी के शव का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीजीआई चंडीगढ़ में दोबारा पोस्टमार्टम होने के बाद भी परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। परिवार का आरोप है कि मामले में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से बचा जा रहा है।

परिजनों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं मिलता, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मामले में राजनीतिक एंगल जुड़ने के बाद विवाद और बढ़ गया है।

परिवार के अनुसार, करनाल में हुए पहले पोस्टमार्टम में मौत को सामान्य बताया गया था। वहीं पीजीआई चंडीगढ़ में दोबारा किए गए पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर तीन चोटें मिलने की बात सामने आई है। इस विरोधाभास ने परिवार की आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है।

मृतक के भाई अभिषेक कुमार ने बताया कि डॉक्टरों ने बॉबी के पैर, पसलियों के ऊपर और सिर पर चोट के निशान पाए हैं। इसके अलावा शरीर पर मौजूद जले हुए निशानों के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह तेजाब का असर था या किसी अन्य पदार्थ का।

परिजनों को आशंका है कि बॉबी को करंट लगाया गया हो सकता है। उनका दावा है कि शव मिलने के समय उसकी जुराब जली हुई थी। परिवार का आरोप है कि बॉबी को पहले गांव संगोहा में प्रताड़ित किया गया और बाद में शव को नन्हेड़ा के खेतों में फेंक दिया गया।

मामले में राममेहर शर्मा का नाम सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया है। परिजनों का आरोप है कि राममेहर शर्मा भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं और इसी वजह से पुलिस मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से बच रही है। हालांकि पुलिस की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

परिजनों का कहना है कि फिलहाल केवल कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, बॉबी 25 मई की सुबह घर से निकला था। उसने अपनी मां रीना को बताया था कि वह जल्द वापस लौट आएगा। दोपहर करीब 12 बजे उसकी आखिरी बार परिवार से बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

अगले दिन पुलिस की सूचना पर परिवार खेतों में पहुंचा, जहां बॉबी का शव बरामद हुआ। परिजनों का आरोप है कि शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर जलने के निशान थे, जबकि नाक और मुंह से खून निकल रहा था। इसी आधार पर परिवार ने हत्या की आशंका जताई।

अभिषेक कुमार ने अपनी शिकायत में रिंकू, जयपाल, मोहित उर्फ पादी, अंकित, अंकित के भाई, पाहड़ी निवासी संगोही तथा राममेहर शर्मा को नामजद किया है। परिवार का कहना है कि इन लोगों के साथ पुरानी रंजिश थी और पहले भी बॉबी को जान से मारने की धमकियां दी गई थीं।

परिजनों के अनुसार, पहले भी आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद रंजिश और बढ़ गई थी तथा बॉबी पर कई बार हमला भी किया गया था।

घटना के बाद 27 मई को पोस्टमार्टम को लेकर भी विवाद हुआ था। परिजनों ने शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर डॉक्टरों के बोर्ड की निगरानी और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया।

करनाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट न होने पर परिवार ने पीजीआई चंडीगढ़ में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी। पीजीआई में जांच के बाद तीन चोटों की पुष्टि होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

वहीं इंद्री थाना के एसएचओ राकेश कुमार का कहना है कि अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है।