कांग्रेस MLA जस्सी पेटवाड़ का ससुराल में विरोध: जोहड़ को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, विधायक को बहिष्कार चेताया
हांसी के मदनहेड़ी गांव में जोहड़ की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ के खिलाफ नाराजगी जताई। युवाओं ने बहिष्कार की चेतावनी देते हुए स्वयं चंदा जुटाकर काम करवाने की बात कही।
मदनहेड़ी गांव में कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
जोहड़ की बदहाल स्थिति को लेकर युवाओं ने बहिष्कार की चेतावनी दी
ग्रामीण बोले- अब चंदा जुटाकर खुद करवाएंगे विकास कार्य
हरियाणा के हांसी जिले के गांव मदनहेड़ी में कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकत्रित होकर विधायक के विरोध का ऐलान किया और आगामी समय में उनके बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के जोहड़ की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। जोहड़ का पानी पूरी तरह हरा हो चुका है, जिससे उसमें नहाने वाले पशुओं के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार विधायक और उनके परिवार के लोगों तक बात पहुंचाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
युवाओं ने बताया कि उन्होंने कई बार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा उठाया। उनका उद्देश्य केवल गांव की समस्या का समाधान करवाना था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक की ओर से उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जस्सी पेटवाड़ को जिताने के लिए पूरी मेहनत की थी। गांव का दामाद विधायक बनने पर लोगों को उम्मीद थी कि गांव के विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं।
विरोध कर रहे युवाओं का कहना है कि अब विधायक से उन्हें कोई उम्मीद नहीं बची है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के बाद विधायक की टीम के लोग प्रतिक्रिया तो देते हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब वे विधायक के पास अपनी समस्या लेकर नहीं जाएंगे। इसके बजाय गांव के लोग आपस में चंदा एकत्रित कर जोहड़ की सफाई और अन्य जरूरी कार्य स्वयं करवाने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में इस मुद्दे को याद रखा जाएगा।
विरोध के दौरान कुछ ग्रामीणों ने गांव में तालाब से जुड़े एक अन्य मुद्दे को भी उठाया। उनका कहना है कि मछली पालन के लिए तालाब का ठेका देने का प्रस्ताव था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि मछली पालन के दौरान इस्तेमाल होने वाले रसायनों से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में बिछाई जा रही पाइपलाइन पर भारी खर्च दिखाया जा रहा है, जबकि इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठाई है।
pooja