पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे सुवेंदु अधिकारी, रूपा गांगुली बनेंगी डिप्टी सीएम

पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार में सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री होंगे, जबकि रूपा गांगुली समेत दो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे। कल कोलकाता में शपथ ग्रहण समारोह होगा।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे सुवेंदु अधिकारी, रूपा गांगुली बनेंगी डिप्टी सीएम
  • पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री
  • रूपा गांगुली समेत दो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे, कल होगा शपथ ग्रहण
  • अमित शाह के दौरे और विधानसभा भंग होने के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक और शीर्ष नेतृत्व की चर्चा के बाद यह तय माना जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, जिनमें अभिनेत्री और भाजपा नेता रूपा गांगुली का नाम लगभग तय बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार दूसरा डिप्टी सीएम उत्तर बंगाल क्षेत्र से बनाया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय संतुलन साधा जा सके। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शुरुआती तौर पर सिर्फ तीन लोग शपथ लेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे।

भाजपा की ओर से सुवेंदु अधिकारी को राज्य की कमान सौंपने के पीछे उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली और बंगाल चुनाव में अहम भूमिका को बड़ा कारण माना जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हराया है। इसके अलावा वह नंदीग्राम सीट से भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने में सफल रहे हैं। वर्ष 2021 में भी उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को शिकस्त दी थी।

सूत्रों के अनुसार नई सरकार में सुवेंदु अधिकारी अपने पास गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग भी रख सकते हैं। भाजपा नेतृत्व राज्य में कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर पहले से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

इधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचे। एयरपोर्ट पर सुवेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे, जहां अमित शाह ने पूजा-अर्चना और आरती की। शाह का यह दौरा नई सरकार के गठन और विधायक दल की बैठक के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। 4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर पहली बार बंगाल में पूर्ण बहुमत हासिल किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।

चुनाव परिणाम आने के बाद से राज्य की राजनीति में लगातार घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। 5 मई को ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफा देने से इनकार किया था और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद 6 मई को सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्मा गया।

7 मई को राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग कर दी। इसके बाद ममता कैबिनेट के मंत्रियों की शक्तियां समाप्त हो गईं। इस फैसले को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे अलोकतांत्रिक कदम बताया।

इधर भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भाजपा नेताओं के मुताबिक समारोह में देशभर के कई मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल होंगे।

वहीं चुनाव परिणामों के बाद राज्य में कथित पोस्ट-पोल हिंसा को लेकर विपक्षी दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है। लेफ्ट फ्रंट ने हिंसा के विरोध में कोलकाता में प्रदर्शन का ऐलान किया है। भाजपा लगातार राज्य में कानून व्यवस्था का मुद्दा उठा रही है और नई सरकार बनने के बाद सख्त कार्रवाई के संकेत दिए जा रहे हैं।