बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा होगी मजबूत, तैनात होंगे सशस्त्र गार्ड
UHBVN ने हरियाणा में संवेदनशील बिजली प्रतिष्ठानों और 33 केवी सब-स्टेशनों की सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी शुरू की है। सशस्त्र गार्ड तैनात होंगे और सुरक्षा जरूरतों की रिपोर्ट ऊर्जा मंत्री अनिल विज को भेजी जाएगी।
UHBVN बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
संवेदनशील सब-स्टेशनों और कार्यालयों में तैनात होंगे सशस्त्र गार्ड
ऊर्जा मंत्री अनिल विज को भेजा जाएगा सुरक्षा जरूरतों का पूरा ब्यौरा
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVN) ने प्रदेशभर में बिजली प्रतिष्ठानों और कार्यालयों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। निगम अब संवेदनशील बिजली ढांचों, 33 केवी सब-स्टेशनों और कार्यालयों में सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।
नई योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें सशस्त्र हेड गार्ड, सशस्त्र सुरक्षा गार्ड, हेड गार्ड और सामान्य सुरक्षा गार्ड शामिल होंगे। इसका उद्देश्य बिजली प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस सुरक्षा व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) और राज्य औद्योगिक सुरक्षा अकादमी के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके जरिए बिजली निगमों समेत अन्य संवेदनशील सरकारी संस्थानों को विशेष सुरक्षा कवच देने की तैयारी की जा रही है।
यूएचबीवीएन ने पंचकूला और रोहतक सहित सभी सर्किल, डिवीजन और उपमंडल कार्यालयों से सुरक्षा कर्मियों की जरूरत का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। अधिकारियों से पूछा गया है कि किस कार्यालय और सब-स्टेशन पर कितने सुरक्षा गार्डों की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार पहले चरण में उन बिजली प्रतिष्ठानों और कार्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पहले विरोध प्रदर्शन, कर्मचारियों के साथ विवाद, सार्वजनिक बाधा, सुरक्षा जोखिम या तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे स्थानों पर सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी।
निगम के अधिकारियों का मानना है कि बिजली निगमों के कार्यालयों में उपभोक्ता विवाद, बिजली कटौती, बिलिंग शिकायतों और लाइन लॉस को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार तनावपूर्ण हालात बन जाते हैं। कई जगह कर्मचारियों के साथ अभद्रता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संवेदनशील बिजली कार्यालयों और सब-स्टेशनों में औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा जरूरतों से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों और ऊर्जा मंत्री अनिल विज को भेजी जाएगी। इसके बाद प्रदेशभर में बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर अंतिम रणनीति तैयार होगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि बिजली कर्मचारियों को भी सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सकेगा। साथ ही उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
pooja