हरियाणा में मानसून की रफ्तार तेज, 17 जिलों में आज यलो अलर्ट; 6 से 9 जुलाई तक भारी बारिश के आसार

हरियाणा में मानसून हिसार तक पहुंच गया है। आज 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी है, जबकि 6 से 9 जुलाई के बीच प्रदेशभर में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

हरियाणा में मानसून की रफ्तार तेज, 17 जिलों में आज यलो अलर्ट; 6 से 9 जुलाई तक भारी बारिश के आसार

आज 17 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी
हिसार तक पहुंचा मानसून, 6 से 9 जुलाई के बीच पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना
किसानों को मौसम देखकर खेती के काम करने और जलभराव से बचाव की सलाह


दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब हरियाणा में रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून की सक्रिय रेखा हिसार और पंजाब के बठिंडा से होकर गुजर रही है। गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के शेष हिस्सों को कवर करने के बाद मानसून अब हरियाणा के नए क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है। अगले 4 से 5 दिनों में इसके पूरे प्रदेश में फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही आज प्रदेश के 17 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया गया है। अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रोहतक समेत कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 6 से 9 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश में अब तक हिसार, फतेहाबाद और नारनौल में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पिछले 24 घंटों में यमुनानगर में 11 मिमी, सोनीपत में 6.5 मिमी, महेंद्रगढ़ में 6 मिमी और गुरुग्राम में 5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर सिरसा और फतेहाबाद के कई हिस्सों में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन 6 जुलाई से पश्चिमी जिलों में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे सिंचाई, खाद और कीटनाशकों के छिड़काव जैसे कार्य मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही करें। धान की रोपाई के लिए यह मौसम अनुकूल रहेगा, जबकि धान की नर्सरी और कपास की फसल वाले किसान खेतों में जलभराव रोकने के लिए निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें।

तापमान की बात करें तो अंबाला में अधिकतम 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। जिन जिलों में हल्की बारिश हुई, वहां अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया। वहीं बढ़ी हुई नमी के कारण रात के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला और नारनौल प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल रहा।