पानीपत में मकान की छत गिरने से 4 साल के मासूम की मौ*त
पानीपत के गांव पसीना खुर्द में पुराने मकान की छत गिरने से 4 वर्षीय आयुष की मौत हो गई। हादसे में मां और बड़ा भाई घायल हुए हैं। बच्चा दो महीने पहले ही स्कूल जाना शुरू किया था।
पानीपत में मकान की छत गिरने से 4 साल के बच्चे की मौत
मलबे में दबे मां और बड़े भाई को पड़ोसियों ने बचाया
2 महीने पहले ही स्कूल जाना शुरू किया था मासूम आयुष ने
हरियाणा के पानीपत जिले के गांव पसीना खुर्द में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 4 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। पुराने मकान की छत गिरने से बच्चा मलबे के नीचे दब गया, जबकि उसकी मां और बड़ा भाई घायल हो गए। हादसे के समय तीनों कमरे के अंदर सो रहे थे।
जानकारी के अनुसार घटना 7 मई की शाम करीब 4 बजे की है। मृतक बच्चे की पहचान 4 वर्षीय आयुष के रूप में हुई है। उसके ताऊ बालिंद्र कुमार ने बताया कि आयुष के पिता रविंद्र दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। गुरुवार दोपहर वह अपने दोनों बच्चों को स्कूल से घर लेकर आए थे।
घर पहुंचने के बाद परिवार ने खाना खाया। इसके बाद रविंद्र वापस मजदूरी पर चले गए, जबकि उनकी पत्नी सोनिया, 7 वर्षीय बेटा साहिल और छोटा बेटा आयुष कमरे के अंदर सो गए। रोजाना परिवार कमरे की कुंडी नहीं लगाता था, लेकिन हादसे वाले दिन दरवाजा अंदर से बंद था।
बताया जा रहा है कि मकान काफी पुराना था और उसकी कड़ियों वाली छत का गाटर अचानक बीच से टूट गया। देखते ही देखते पूरी छत नीचे आ गिरी और कमरे में सो रहे तीनों लोग मलबे में दब गए।
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और मलबे में दबे मां और दोनों बच्चों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
इसके बाद तीनों को तुरंत सिवाह बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक आयुष की सांसें चल रही थीं, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में मां सोनिया का हाथ टूट गया है। उसके चेहरे और कान पर भी गंभीर चोटें आई हैं। वहीं बड़े बेटे साहिल को भी चोटें लगीं। दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
परिजनों ने बताया कि मासूम आयुष ने अभी दो महीने पहले ही प्ले-वे स्कूल जाना शुरू किया था। वह धीरे-धीरे स्कूल के माहौल में ढल रहा था, लेकिन इससे पहले ही हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले रविंद्र के घर में बेटे की मौत से कोहराम मचा हुआ है। गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।
pooja