रेलवे स्टेशन पर खुफिया कैमरा साजिश का खुलासा 18 दिन तक एक्टिव रहा कैमरा, संवेदनशील जानकारी लीक होने की आशंका
सोनीपत रेलवे स्टेशन पर खुफिया कैमरा लगाने के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 18 दिन तक कैमरा एक्टिव रहा और संवेदनशील जानकारी लीक होने की आशंका है।
■ सोनीपत रेलवे स्टेशन पर खुफिया कैमरा साजिश का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
■ चांदनी चौक से खरीदे कैमरे, 18 दिन तक भेजी गई संवेदनशील जानकारी
■ पाकिस्तान से जुड़े व्यक्ति के संपर्क में आए आरोपी, एजेंसियां अलर्ट
■ रेलवे स्टेशन पर खुफिया कैमरों का जाल, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन से देश की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। प्लेटफार्म के पास हाई वोल्टेज पोल पर लगाए गए खुफिया कैमरे ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसमें स्थानीय युवकों को लालच देकर इस्तेमाल किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कैमरा करीब 18 दिनों तक सक्रिय रहा और आशंका है कि इसके जरिए संवेदनशील जानकारी बाहर भेजी जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल, गाजियाबाद पुलिस, खुफिया एजेंसियां और अन्य जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच में जुटी हैं।गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी प्रवीण को गिरफ्तार कर सोनीपत लाकर मौके पर निशानदेही करवाई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 के पास पोल नंबर 42/27 पर लगाए गए कैमरे को टेक्निकल टीम ने उतारा। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और आरोपी से मौके पर पूछताछ की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के चांदनी चौक से सोलर बेस्ड आईपी कैमरे खरीदे थे। इसके बाद चार आरोपी ट्रेन से सोनीपत पहुंचे और रात के अंधेरे में 4-5 घंटे के भीतर कैमरा पोल पर फिट कर दिया। काम पूरा करने के बाद वे टैक्सी से वापस लौट गए।
कैमरा ऐसी जगह लगाया गया था, जहां से रेलवे स्टेशन के पांचों प्लेटफार्म की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती थी।सूत्रों के अनुसार आरोपी करीब 10 दिन पहले एक संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आए थे, जिसे पाकिस्तान से जुड़ा बताया जा रहा है। इस काम के लिए प्रति कैमरा करीब ₹10 हजार की डील तय हुई थी। आर्थिक लालच में आकर युवकों ने यह काम किया।
इस मामले में अब तक एक महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, शाने करम उर्फ महक, प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिव वाल्मीकि और रितिक गंगवार शामिल हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी जांच में शामिल हो गई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी नामों से सिम कार्ड खरीदे थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे।अब कैमरे को लैब में भेजा जाएगा, जहां इसकी तकनीक और डेटा ट्रांसमिशन की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका असली मकसद क्या था।
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