मेदांता से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक, राजघाट के लिए रवाना

सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि शरीर में ताकत लौट रही है और राजघाट जाकर लद्दाख रवाना होंगे।

मेदांता से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक, राजघाट के लिए रवाना

मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक, सीधे राजघाट के लिए रवाना

वीडियो जारी कर बोले- शरीर में ताकत लौट रही है, बापू को श्रद्धांजलि देकर लद्दाख जाऊंगा

अनशन को लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा- अब शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की लड़ाई जारी रहेगी


सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दोपहर करीब 1:45 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट रवाना हुए। अस्पताल से बाहर आने से पहले उन्होंने एक नया वीडियो जारी कर अपनी सेहत और आगे की योजना की जानकारी साझा की।

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्वास्थ्य में सुधार के बाद सोनम वांगचुक ने नया वीडियो जारी किया।

वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उनकी तबीयत अब पहले से काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे भोजन करना शुरू कर दिया है और शरीर में भी ताकत लौट रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सबसे पहले वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और इसके बाद अपने घर लद्दाख लौट जाएंगे।

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्वास्थ्य में सुधार के बाद सोनम वांगचुक को छुट्टी मिल गई। - Dainik Bhaskar

उन्होंने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और पूरे मेडिकल स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि उनके इलाज और देखभाल के कारण वह तेजी से स्वस्थ हुए हैं। साथ ही उन्होंने आंदोलन के दौरान देशभर से मिले समर्थन के लिए भी सभी लोगों का धन्यवाद किया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने अंतिम स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें डिस्चार्ज करने का फैसला लिया। सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई हैं और वह पूरी तरह चलने-फिरने की स्थिति में हैं। अस्पताल के बाहर एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

सोनम वांगचुक ने 28 जून को NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर उपचार के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने लगातार चार वीडियो जारी किए। पहले वीडियो में उन्होंने कहा था कि वह अभी भी संघर्ष के लिए तैयार हैं। इसके बाद दूसरे वीडियो में सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन का अनशन समाप्त करने की घोषणा की। तीसरे वीडियो में अस्पताल शिफ्ट किए जाने का अनुभव साझा किया और अब चौथे वीडियो में स्वस्थ होकर घर लौटने की जानकारी दी।

डिस्चार्ज से पहले जारी एक अन्य प्रतिक्रिया में सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और अब लक्ष्य केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव लाना है।

इससे पहले भी सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने, पूर्ण राज्य का दर्जा, स्थानीय युवाओं के रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसी मांगों को लेकर लंबे समय तक आंदोलन और भूख हड़ताल कर चुके हैं।