मंत्री अरविंद शर्मा के सामने मंच पर भिड़े भाजपा कार्यकर्ता, भूमि पूजन समारोह बना अखाड़ा, लात-घूंसे चले
रोहतक में भूमि पूजन समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं में मारपीट हो गई। बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुंचा, पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
➤ कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा के सामने मंच पर ही भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़े
➤ बैठने को कहने पर शुरू हुई बहस, लात-घूंसे चले, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
➤ दोनों पक्षों ने झगड़े से किया इनकार, वीडियो को बताया गलत तरीके से पेश किया गया
हरियाणा के रोहतक में रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा के सामने ही मंच पर भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मामूली बहस देखते ही देखते लात-घूंसे और हाथापाई में बदल गई। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। यह पूरा घटनाक्रम गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के तीसरे कैंपस के भूमि पूजन समारोह के दौरान हुआ, जहां मंत्री अरविंद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
सबसे अहम बात यह रही कि झगड़ा मंच पर और मंत्री की मौजूदगी में हुआ। पंडाल में बैठे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दो गुट आमने-सामने आ गए। समर्थक भी अपने-अपने पक्ष में कूद पड़े और कार्यक्रम कुछ देर के लिए अखाड़े में तब्दील हो गया।
पूर्व सरपंच और पार्षद के बीच शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद की शुरुआत गांव पहरावर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई। गांव के पूर्व सरपंच व वार्ड 20 से पार्षद प्रवीण कौशिक और गांव भालौठ निवासी मोनू अत्री के बीच बैठने को लेकर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि प्रवीण कौशिक ने मोनू अत्री से नीचे बैठने को कहा, जिस पर मोनू ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया। इसी बात पर बहस तेज हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
नीचे बैठने को कहा, प्रतिष्ठा का बन गया मुद्दा
देखते ही देखते दोनों के समर्थक भी आपस में भिड़ गए। पंडाल में मौजूद लोग और अन्य कार्यकर्ता हालात संभाल पाते, उससे पहले ही मंच पर मारपीट शुरू हो गई। शोर-शराबे और धक्का-मुक्की से कार्यक्रम की गरिमा पर भी सवाल खड़े हो गए।
पत्रकार के साथ भी हाथापाई
हंगामे के दौरान जब एक पत्रकार इस पूरे घटनाक्रम को कवर कर रहा था, तो कुछ समर्थक उससे भी उलझ गए। आरोप है कि पत्रकार के साथ भी धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
मंत्री के सामने चला हाई वोल्टेज ड्रामा
हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा विवाद कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा के सामने चलता रहा। मंच पर ही कार्यकर्ता आपस में लड़ते रहे। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया। इसके बाद मंत्री अरविंद शर्मा ने खुद हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और आपसी सुलह करवाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि भाईचारा बनाए रखें और कार्यक्रम की गरिमा को नुकसान न पहुंचाएं।
विवाद पर दोनों पक्षों का अलग-अलग दावा
विवाद के बाद दोनों पक्षों ने झगड़े से इनकार किया। मोनू अत्री ने कहा कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था। भीड़ ज्यादा होने के कारण लोगों को बैठाने के लिए समझाया जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों ने गलतफहमी में वीडियो वायरल कर दिया। वहीं, पूर्व सरपंच व पार्षद प्रवीण कौशिक ने भी हाथापाई की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में भारी भीड़ थी और लोग मंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़ रहे थे। सुरक्षा में लगे कमांडो लोगों को रोक रहे थे। उसी दौरान लोगों को बैठने के लिए कहा गया, जिसे गलत तरीके से पेश कर दिया गया।
Akhil Mahajan