88 विधायकों के साथ पंजाब AAP सरकार विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में पास; CM भगवंत मान ने पेश किया था विश्वास प्रस्ताव

पंजाब विधानसभा में AAP सरकार ने फ्लोर टेस्ट जीत लिया। 88 विधायकों ने समर्थन किया जबकि कांग्रेस ने वॉकआउट किया। CM भगवंत मान ने इसे सरकार की मजबूती बताया।

88 विधायकों के साथ  पंजाब AAP सरकार विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में पास;   CM भगवंत मान ने पेश किया था विश्वास प्रस्ताव

➤ पंजाब में AAP सरकार ने फ्लोर टेस्ट जीता, 88 विधायकों ने किया समर्थन
➤ कांग्रेस वॉकआउट, वोटिंग में नहीं लिया हिस्सा
➤ CM भगवंत मान बोले अफवाहों पर विराम, सरकार पूरी तरह मजबूत


पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए विश्वास प्रस्ताव (फ्लोर टेस्ट) जीत लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पेश किया गया यह प्रस्ताव चर्चा के बाद पास हो गया, जिसमें सरकार के पक्ष में 88 विधायकों ने वोटिंग की।

बताया जा रहा है कि AAP के कुल 94 विधायकों में से 88 ने मतदान में हिस्सा लिया। वहीं 4 विधायक गैरहाजिर रहे, जबकि 2 विधायक फिलहाल जेल में हैं। पार्टी ने पहले ही सभी विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था, जिससे सरकार की ताकत साफ नजर आई।

फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया और वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का सदन से बाहर रहना उनकी अप्रत्यक्ष सहमति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस विधायकों की खाली सीटों की तस्वीर ली जानी चाहिए, क्योंकि 2027 के बाद भी ऐसी ही स्थिति रहेगी

विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान CM मान ने कहा कि पिछले कुछ समय से अफवाहों का बाजार गर्म था, जिसमें AAP सरकार के टूटने की बातें कही जा रही थीं। उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट और मजबूत है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस खुद अपने विधायकों को संभाल नहीं पा रही और बेबुनियाद आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि AAP जनता से निकली पार्टी है और इसे जनता का पूरा समर्थन प्राप्त है, इसलिए इसे तोड़ना आसान नहीं है।

इससे पहले भी CM भगवंत मान ने प्रेस वार्ता में साफ कहा था कि उनके सभी विधायक पार्टी के साथ हैं और जरूरत पड़ने पर वह फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं। आज के नतीजे ने यह साबित कर दिया कि सरकार के पास बहुमत पूरी तरह सुरक्षित है।