पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, फोर्टिस मोहाली के आईसीयू में भर्ती
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को लगातार बिगड़ रही तबीयत के बाद फोर्टिस मोहाली के आईसीयू में भर्ती कराया गया। बाढ़ संकट के बीच कई कार्यक्रम रद्द करने पड़े, लेकिन मान ने राहत कार्यों की निगरानी के आदेश दिए।
➤ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आईसीयू में भर्ती
➤ लगातार बिगड़ रही तबीयत, फोर्टिस मोहाली में इलाज जारी
➤ बाढ़ संकट के बीच रद्द करनी पड़ीं कई अहम बैठकें और दौरे
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की तबीयत लगातार दो दिन से खराब चल रही थी। शुक्रवार शाम उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें फोर्टिस अस्पताल मोहाली के आईसीयू में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री को तेज बुखार था और वह पिछले दो दिनों से आधिकारिक आवास पर उपचाराधीन थे। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत अस्पताल शिफ्ट करने का निर्णय लिया।
शुक्रवार को जारी एक वीडियो क्लिप में मुख्यमंत्री मान को आधिकारिक काफिले के साथ अस्पताल पहुंचते और मास्क लगाए पैदल अंदर जाते देखा गया। उनके अस्पताल पहुंचने के तुरंत बाद पंजाब डीजीपी गौरव यादव और मोहाली की डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल भी अस्पताल पहुंच गए।
मुख्यमंत्री की खराब तबीयत के चलते कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम रद्द करने पड़े। शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को स्थगित कर दिया गया। इससे पहले, गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सुल्तानपुर लोधी और कपूरथला जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा भी रद्द कर दिया था। इस दौरे पर उनके साथ आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी जाना था।
अरविंद केजरीवाल ने खुलासा किया कि मान लगातार तीन-चार दिनों तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते रहे, बिना आराम और भोजन किए। उन्होंने कहा, “आज सुबह मैं उनसे मिला और दो दिन आराम करने का आग्रह किया। इस हालत में भी उनकी चिंता केवल पंजाब के लोगों को राहत पहुंचाने की थी।”
मुख्यमंत्री की बीमारी ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 जिलों के 1698 गांव अब भी पानी में डूबे हैं, जिससे 3.80 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद मुख्यमंत्री मान ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हर बाढ़ग्रस्त गांव में एक गजटेड अफसर तैनात किया जाए, ताकि राहत और बचाव कार्य की सीधे निगरानी हो सके और प्रभावित ग्रामीणों तक समय पर मदद पहुंच सके।
Akhil Mahajan